बरेली: हादसे क्यों न हों, 300 किमी के दायरे में जर्जर लोहे के तार पर दौड़ रहा करंट
जर्जर हो चुके तार बन रहे हादसे का सबब
बरेली, अमृत विचार। जिले में बिजली व्यवस्था बेहद लचर है। ग्रामीण इलाकों में 300 किलोमीटर के दायरे में जर्जर हो चुके लोहे के तारों पर करंट दौड़ रहा है। इस वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। अफसर सर्वे कर जल्द जर्जर तार बदलने का दावा कर रहे हैं।
स्मार्ट सिटी के तहत शहरी क्षेत्र में तो बिजली की भूमिगत और बंच केबल डाली जा रही है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी लोहे के पुराने तारों पर सप्लाई दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र के प्रथम खंड में 11 केवी की लाइन में 90 किलोमीटर के क्षेत्र में लोहे का तार लगा है। दूसरे खंड में 135 किलोमीटर के क्षेत्र में लोहे का तार लगा है। आंवला में 70 तो बहेड़ी में 15 किलोमीटर के क्षेत्र में लोहे के जर्जर तार हैं। इसके चलते हादसे होने पर लोगों की जान पर बन आती है।
भुता क्षेत्र में पिछले दिनों जर्जर तार टूटने से हादसा हुआ था। अब ग्रामीण इलाकों में कुल 390 किलोमीटर जर्जर तार को बदलवाने के लिए सर्वे शुरू करा दिया गया है। कुछ समय पहले बिजली अधिकारियों के साथ हुई बैठक में भी जनप्रतिनिधियों ने जर्जर तार बदलवाने के लिए सुझाव दिया था।
अधीक्षण अभियंता ग्रामीण अशोक कुमार चौरसिया ने बताया कि इस दिशा में प्राथमिकता के आधार पर काम कराने के प्रयास किया जा रहा है। रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत लोहे के जर्जर तारों को बदलवाने का काम जल्द शुरू किया जाएगा।
ये भी पढ़ें- बरेली: जोगी नवादा में एक बार फिर बढ़ाई गई सुरक्षा, RAF-PAC के साथ 200 पुलिसकर्मी तैनात
