हल्द्वानी: वेस्टर्न सर्किल को मिला 442 करोड़ कमाई का लक्ष्य
हल्द्वानी, अमृत विचार। सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए तत्पर है। सरकार की सबसे ज्यादा कमाई खनन से होती है। राज्य की नदियों में खनन का जिम्मा वन और वन विकास निगम का होता है। इस बार खजाना भरने के लिए वन विभाग का लक्ष्य बढ़ाया गया है। वेस्टर्न सर्किल को इस बार 442 करोड़ कमाई का लक्ष्य दिया गया है जो कि पिछले वर्ष की अपेक्षाकृत करीब 19 प्रतिशत अधिक है।
वेस्टर्न सर्किल, राज्य का सबसे बड़ा सर्किल है। तराई पूर्वी, तराई केंद्रीय, हल्द्वानी, रामनगर, तराई पश्चिमी पांच वन डिवीजन इस सर्किल में आती हैं। वेस्टर्न सर्किल में खनन, ईको टूरिज्म और लकड़ी कटान से आमदनी होती है।
खनन में गौला, कोसी, दाबका, नंधौर, शारदा नदियों में खनन से सबसे ज्यादा आमद होती है। फिर वन विकास निगम को कटान के लिए आवंटित की जाने लॉटों से आय होती है। ईको टूरिज्म में सीतावनी, फाटो, कॉर्बेट फॉल, सुरई, नंधौर, काकड़ा क्रोकोडायल ट्रेल आदि स्थानों पर पर्यटकों की आमद से भी आमदनी होती है।
इधर, सरकार ने इसे देखते हुए इस वित्तीय वर्ष 2023-24 में 442 करोड़ रुपये कमाई का लक्ष्य दिया है जो कि पिछले वित्तीय 2022-23 के 372 करोड़ की अपेक्षाकृत करीब 19 प्रतिशत अधिक है। हालांकि 372 करोड़ का लक्ष्य वन विभाग पूरा नहीं कर पाया था। सिर्फ 296 करोड़ रुपये की ही आमद हुई थी। इसके पीछे की वजह वन निगम को लॉटों का आवंटन सहित अन्य शुल्क में कमी है।
वेस्टर्न सर्किल के वन संरक्षक दीप चंद्र आर्य ने बताया कि 442 करोड़ रुपये के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी डीएफओ को समय से लॉट देने, नियमानुसान समय से खनन और ईको टूरिज्म बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
