हल्द्वानी: अब अपनों के रडार पर डॉ. अमित देवल...ऐसा क्यों...
हल्द्वानी, अमृत विचार। सुशीला तिवारी अस्पताल में तीमारदार से दवा और इम्प्लांट बाहर से मंगाने के बाद सुर्खियों में आए न्यूरो सर्जन डॉ. अमित देवल के खिलाफ अब एसटीएच के डॉक्टरों ने भी मोर्चा खोल दिया है।
तबादले के 15 दिन गुजरने के बाद भी डॉ. देवल एसटीएच में सेवा दे रहे हैं जबकि डीजी हेल्थ ने तबादले का आदेश एक अगस्त को जारी कर दिया था।
बेतालघाट के ग्राम चड्यूल निवासी मोहित बिष्ट ने बीती 20 जून को एसटीएच में न्यूरो सर्जन डॉ. अमित देवल पर उसके पिता के इलाज के दौरान दवा और इम्प्लांट बाहर से मंगाने तथा आयुष्मान कार्ड न लगाने का आरोप लगाया था। पीड़ित ने इसका वीडियो सोशल मीडिया में भी वायरल किया।
इस मामले को 21 जून के अंक में 'अमृत विचार' ने 'सोशल मीडिया पर एसटीएच बदनाम, निशाने पर डॉक्टर' शीर्षक से प्रमुखता से उठाया। जिसके बाद डीएम वंदना ने सीएमओ नैनीताल डॉ. भागीरथी जोशी को जांच के आदेश दिये।
करीब डेढ़ माह में जांच पूरी हुई, जिसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य महानिदेशक (डीजी हेल्थ) विनीता शाह को भेजी गई। डीजी हेल्थ ने डॉ. देवल को एसटीएच से हटाकर नैनीताल बीडी पांडे अस्पताल अटैच कर दिया। आदेश को जारी हुए करीब 16 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक डॉ. देवल ने बीडी पांडे अस्पताल में कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। वह एसटीएच में ही सेवा दे रहे हैं।
इधर, अब डॉ. देवल के खिलाफ एसटीएच के डॉक्टर्स ने भी मोर्चा खोल दिया है। सूत्रों के अनुसार अस्पताल के संकाय सदस्यों की एक बैठक हुई। जिसमें तय हुआ कि एसटीएच का एनेस्थिसिया विभाग अब डॉ. देवल को कोई विभागीय सेवा प्रदान नहीं करेगा। इस संबंध में बीती 11 अगस्त को प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी को पत्र भी भेजा गया है। जिससे अस्पताल और कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मचा है।
डीजी हेल्थ का आदेश बेअसर
स्वास्थ्य महानिदेशक विनीता शाह ने एक अगस्त को पत्र जारी कर बीडी पांडे जिला अस्पताल नैनीताल के सुदृढ़ीकरण के दृष्टिगत न्यूरो सर्जन डॉ. अमित देवल को 3 दिन यहां नियुक्त करने के आदेश दिये थे। इस आदेश की प्रति सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य समेत स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं, सीएमओ नैनीताल, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य, पीएमएस नैनीताल को भी भेजी गई। लेकिन 16 दिन बीतने के बाद भी डीजी का आदेश बेअसर साबित हुआ।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की भूमिका पर सवाल
न्यूरो सर्जन डॉ. अमित देवल के प्रकरण में एसटीएच और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन शुरुआत से ही बचता रहा है। हैरानी की बात ये है कि डीजी हेल्थ के आदेश के बावजूद कॉलेज प्रबंधन ने डॉ. देवल को अभी तक रिलीव नहीं किया है। जिससे प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठे रहे हैं। पूर्व में न्यूरो सर्जन अभिषेक राज के अवकाश में जाने के कारण प्रबंधन ने डॉ. देवल को 10 अगस्त तक रिलीव न करने, उनके आने के बाद ही रिलीव करने की बात कही थी। लेकिन अभी तक डॉ. देवल एसटीएच में ही जमे हैं।
डॉ. देवल ने बीडी पांडे अस्पताल में कार्यभार ग्रहण नहीं किया है, ऐसी जानकारी है। उनके संबंध में नया आदेश नहीं मिला है। डॉ. देवल ने कार्यभार क्यों नहीं संभाला इस बारे में उनसे पूछा जाएगा।
- डॉ. भागीरथी जोशी, सीएमओ, नैनीताल
न्यूरो सर्जन डॉ. देवल को अभी रिलीव नहीं किया है। उन्हें रिलीव करने के संबंध में अभी तक प्रबंधन को कोई आदेश नहीं मिला है।
- डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी
