Kanpur: धांय धांय करती आ गई रिवॉल्वर प्रबल, देश में पहली बार स्मॉल आर्म्स फैक्ट्री ने बनाई, जानें- क्या है खासियत

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Published By Nitesh Mishra
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कानपुर के स्मॉल आर्म्स फैक्ट्री ने देश में पहली बार रिवॉल्वर प्रबल बनाई।

कानपुर के स्मॉल आर्म्स फैक्ट्री ने देश में रिवॉल्वर प्रबल पहली बार बनाई। 21 से बुक हो सकेगी। लगातार फायर के बाद लोड करने पर उंगलियां गर्म नहीं होंगी।

कानपुर, अमृत विचार। .32 बोर की रिवॉल्वर ‘प्रबल’ की बुकिंग 21 अगस्त से शुरू हो जाएगी। यह रिवॉल्वर देश में बनी पहली ऐसी रिवॉल्वर है जो ‘साइड स्विंग’ है। इसका मतलब यह है कि इस रिवॉल्वर को लोड करने के लिए पीछे से नहीं बल्कि बगल से सिलेंडर खुलता है।

इस रिवॉल्वर को बनाने वाली इकाई लघु शस्त्र निर्माणी (एसएएफ) के अधिकारियों का कहना है कि ‘साइड स्विंग’ की खासियत की वजह से इस रिवॉल्वर से लगातार गोलियां चलाने के बाद उसे दोबारा लोड करने पर उंगलियां गर्म नहीं होती हैं। यह रिवॉल्वर ‘मेक इन इंडिया’ प्रोजेक्ट के तहत पूरी तरह से देश में बनी है। इस रिवॉल्वर के निर्यात की भी योजना बनाई जा रही है।

एडवांस वेपंस एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड की उत्पादन इकाई लघु शस्त्र निर्माणी कानपुर के कार्यकारी निदेशक राजीव शर्मा ने जानकारी दी कि लाइसेंसधारक 20 अगस्त की रात 12 बजे के बाद इसे ऑनलाइन बुक कर सकते हैं। बुकिंग के लिए आवेदन संस्थान की वेबसाइट पर मिलेगा।

रिवॉल्वर की कीमत के बारे में उन्होने बताया कि डीलर के खरीदने पर इसका मूल्य 1.26 हजार जबकि सामान्य ग्राहक के खरीदने पर रेट 1.40 हजार रुपये होगा। ये मूल्य 28 प्रतिशत जीएसटी के साथ है।

रिवॉल्वर की अन्य खासियत के बारे में उन्होंने जानकारी दी कि इस रिवॉल्वर की रेंज 50 मीटर है जो देश में बनी रिवॉल्वर ‘प्रहार’ के बराबर है। इसके अलावा इसका वजन केवल 675 ग्राम है जो बेहद हल्की होने के साथ ही सटीक निशाने की क्षमता रखती है। इस रिवॉल्वर को ‘पहले आओ पहले पाओ’ प्रक्रिया के आधार पर बेचा जाएगा। पहले चरण में 8 से 10 हजार रिवॉल्वर को बनाया जाएगा। 

एमआईएम से बनी सुरक्षित और मजबूत

अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह रिवॉल्वर एमआईएम ‘मेटल इंजेक्टेड मोल्डेड’ तकनीक से बनी है। इससे रिवॉल्वर लंबे समय तक आसानी से चल सकती है। इसके अलावा एक जैसे धातु से बनी होने के कारण भविष्य में इसका पार्ट खराब होने पर भी बिल्कुल उसी अनुपात की धातु का पार्ट आसानी से मिल सकेगा। इसके अलावा रिवॉल्वर की क्रोमियम प्लेट बैरल होने की वजह से इसे लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है। 

निर्यात की भी योजना

अधिकारियों ने बताया कि यह रिवॉल्वर ‘मेक इन इंडिया’ प्रोजेक्ट के तहत पूरी तरह से देश में बनी है। इस रिवॉल्वर के निर्यात की भी योजना बनाई जा रही है। उनका मानना है कि अपनी कम कीमत के बावजूद बेहतर फायर क्षमता और मजबूती की वजह से यह विश्व की कई रिवॉल्वरों को टक्कर दे सकेगी।

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