संभल: गंगा उफनाने से छह गांवों में घुसा पानी, लोगों की चिंता बढ़ी
नदी का जलस्तर बढ़ने से जुनावई और रजपुरा क्षेत्र के गांवों में पहुंचा पानी
संभल/गुन्नौर/जुनावई, अमृत विचार। गंगा नदी में उफान से गंगा तटीय क्षेत्र के छह गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। गंगा का पानी गांवों की आबादी में धुस गया। शुक्रवार शाम तक सैकड़ों बीघा खेतों में फसल डूब गई। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से जुनावई, रजपुरा क्षेत्र के गांवों की गली और रास्ते पानी में डूबने लगे हैं। लोग खेतों से चारा लाने के लिए पानी के बीच चलने को मजबूर हैं। गुरुवार को गंगा का जलस्तर 56 सेमी बढ़ गया था। इसके साथ नदी का पानी चेतावनी बिंदु से काफी ऊपर पहुंच गया। जिसके चलते गांव रघुपुर पुख्ता, सालिंग की मढ़ैया, भाबरू की मढ़ैया, मैगरा, बझांगी, उदिया नगला के साथ ही साधु मढ़ी आश्रम तक बाढ़ का पानी पहुंच गया।
गांवों में आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। ग्रामीण घरों में कैद होकर रहे गए हैं तो जरूरी सामान लाने के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं। बच्चे पानी से निकलकर ही स्कूलों तक जाने के लिए मजबूर हैं। खेतों में पानी जमा होने से फसलें बर्बाद होने लगी हैं। सैकड़ों बीघा फसल बाढ़ के पानी में डूब गई है। ज्यादातर खेतों में धान और बाजरा की फसल चौपट हो रही है। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि खेतों में जलभराव से धान की फसल गलने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में पानी पहुंचने से आवागमन मुश्किल हो गया है। इस बीच तहसील प्रशासन बाढ़ प्रभावित गांवों में ग्रामीणों से सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की अपील कर रहा है। गंगा में जलस्तर से लेकर गांवों की निगरानी की जा रही है।
चाऊपुर डांडा में घरों में पानी भरने से ग्रामीण परेशान
रजपुरा क्षेत्र के गांव चाऊपुर डांडा में 20 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जिससे ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ घरों की दीवारें भी गिर गई हैं।
गांव चाऊपुर डांडा में बाढ़ का पानी घुसने से ग्रामीणों के सामने पशुओं के लिए चारे का संकट बढ़ रहा है। ग्रामीण खाने पीने का सामान लाने के लिए नाव से ही सफर कर रहे हैं। जबकि पशुओं के लिए चारा भी दिक्कतों से जूझते हुए लाया जा रहा है। अधिकांश खेतों में फसलें जलमग्न नजर आ रही हैं। रात में घरों के गिरने की आशंका के चलते ग्रामीण छत, बैलगाड़ी और ट्रैक्टर ट्राली पर सो रहे हैं।
गंगा के बढ़ते जलस्तर नजर रखी जा रही और इस बारे में जानकारी की जा रही है। बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। प्रभावित इलाके में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील की गई है---रमेश बाबू, एसडीएम गुन्नौर।
संभल में नरौरा बैराज पर गंगा खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही है। प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीम लगातार मौके पर रहकर स्थिति की निगरानी कर रही है। किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयारी की गई है। तट पर बसे गांव के लोगों से अपील है कि वह गंगा नदी की तरफ खेतों व जंगलों में न जाएं--- मनीष बंसल, जिलाधिकारी।
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