दुस्साहस क्यों ?

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

चीन लगातार उकसावे की कार्रवाई कर रहा है। वह अब अपने ही लोगों को समझाने की कोशिश कर रहा है कि उसकी सेना युद्ध लड़ सकती है। चीन के ग्लोबल टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत को लेकर चीन की नीति ताकत पर आधारित है और अगर आम लोग भारतीय उकसावे …

चीन लगातार उकसावे की कार्रवाई कर रहा है। वह अब अपने ही लोगों को समझाने की कोशिश कर रहा है कि उसकी सेना युद्ध लड़ सकती है। चीन के ग्लोबल टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत को लेकर चीन की नीति ताकत पर आधारित है और अगर आम लोग भारतीय उकसावे से नहीं डरते हैं, तो पीएलए कैसे डर सकता है?

मई से भारत और चीन के सैनिक एलएसी पर आमने-सामने हैं। यह तनाव जून में और बढ़ गया जब गलवान घाटी पर हमारे कई सैनिक शहीद हो गए। अब तक पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर भारत-चीन के सैनिक आमने-सामने थे, लेकिन अब तनाव का केंद्र पैंगोंग झील के दक्षिण किनारे रेजांग ला के पास की चोटियां बन गई हैं।

भारत-चीन के बीच ये ताजा तनाव उस वक्त बना है जब रक्षामंत्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में मास्को में चीन के रक्षा मंत्री के साथ मुलाकात कर चुके हैं और अब विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अपने चीनी समकक्ष के साथ मास्को में मुलाकात होगी। इन मुलाकातों का कोई अर्थ तभी निकलेगा जब दोनों देशों के बीच तनाव कम करने पर सहमति बनेगी।

चीन बार-बार यही संकेत दे रहा है कि वह सीमा पर अपनी बेजा हरकतों से बाज नहीं आएगा। वह ऐसा दुस्साहस क्यों कर रहा है अब इस सवाल का जवाब तलाशने का समय आ गया है। चीन ने भारत पर उकसावे की कार्रवाई का आरोप लगाया था, जिसे भारत ने खारिज कर दिया।

चीन के आरोपों के बाद रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि भारत एलएसी पर तनाव को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन चीन स्थिति को तनावपूर्ण बनाने के लिए लगातार उकसावे वाली कार्रवाई कर रहा है। भारतीय सेना ने कभी भी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पार नहीं की। अभी दो दिन पहले चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लजिनि ने अरुणाचल प्रदेश को चीन का हिस्सा बताया था। उनका कहना है कि चीन ने कभी अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं दी है जो चीन का दक्षिणी तिब्बत इलाका है।

दरअसल उनसे उन पांच युवकों के बारे में पूछा जा रहा था, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि चीन की सेना ने उन्हें अगवा कर लिया है। बताया जाता है कि ये युवक भारतीय सेना के लिए दुर्गम क्षेत्रों में सामान की ढुलाई करते थे। कहा जा रहा है कि ये आदिवासी युवक संभवत: जंगल की ओर गए होंगे जहां से ये चीनी सेना के हत्थे चढ़े। चीन के प्रवक्ता ने इन युवकों के बारे में कुछ नहीं कह कर एक बार फिर चीन के अड़ियल रवैये को उजागर किया।