अमरोहा: कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने शव रखकर किया अलीगढ़ मार्ग जाम
हसनपुर, अमृत विचार। 100 रुपये के विवाद को लेकर मारपीट में घायल युवक की मेरठ के निजी अस्पताल में मौत हो गई। इससे गुस्साये परिजनों ने शव को अलीगढ़ मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। परिजन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव उठाने का प्रयास किया। इस पर पुलिस की मृतक के परिजनों में तीखी नोकझोंक भी हुई। इस दौरान करीब एक घंटे तक हाईवे पर जाम के हालात बने रहे।
कोतवाली क्षेत्र के गांव हथियाखेड़ा निवासी केशव पुत्र राजेंद्र शुक्रवार देर शाम परचून की दुकान से बीड़ी का बंडल लेने गया था। उसने दुकानदार को 100 रुपये का नोट दिया। इस दौरान वहां मौजूद गांव के मनवीर ने नोट को छिपा दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी।
आरोप है कि मनवीर ने केशव के सिर में डंडा मार दिया था। इससे केशव गंभीर रूप से घायल हो गया था। शनिवार की सुबह परिजन उसे नगर के निजी चिकित्सक के यहां ले गाए। हालत गंभीर बताते हुए चिकित्सक ने उसे मेरठ रेफर कर दिया था।
इस पर परिजन उसे मेरठ ले गए थे। वहां एक निजी अस्पताल में शाम के पांच बजे उपचार के दौरान 22 वर्षीय केशव की मौत हो गई थी। पुलिस ने मारपीट के मामले में मनवीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। केशव की मौत के बाद इसे हत्या में तरमीम कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया है।
रविवार दोपहर ग्रामीणों ने शव मार्ग पर रखकर कार्रवाई की मांग को लेकर अलीगढ़ मार्ग जाम लगा दिया। उनका आरोप था कि चार लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई थी। लेकिन पुलिस ने केवल एक आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
इसी से गुस्साए ग्रामीणों ने अलीगढ़ मार्ग पर करीब एक घंटा जाम लगाया। मौके पर पहुंचे गंगेश्वरी ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र खड़गवंशी व भाजपा के रुखालू मंडल महामंत्री महेश खड़गवंशी ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। परिजनों ने तीन आरोपियों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार वर्मा ने बताया कि मृतक के परिजनों द्वारा कार्रवाई की मांग को लेकर जाम लगाया गया था। समझाने के बाद जाम खुलवा दिया गया है।
ननिहाल में रहता था केशव
केशव बचपन से ही ननिहाल में रह रहा था। उसके नाना दरियाव की सिर्फ दो पुत्री हैं, कोई पुत्र नहीं है। इसलिए दरियाव ने अपनी छोटी बेटी के पुत्र केशव को अपने पास रख रखा था। खेती-बाड़ी का कार्य भी केशव ही देखा था। केशव की मौत से उसकी पत्नी रीना व बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है।
लगभग एक घंटे जाम रहा अलीगढ़ मार्ग
आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर मृतक के परिजनों ने अलीगढ़ मार्ग पर रविवार की दोपहर शव रखकर जाम लगा दिया। इससे करीब एक घंटे तक दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। जाम में फंसे लोगों का भीषण गर्मी चलते बुरा हाल हो गया।
जाम खुलवाने में छूटे पुलिस के पसीने
अलीगढ़ मार्ग पर लगे जाम को खुलवाने में पुलिस के पसीने छूट गए। प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार वर्मा काफी कोशिश के बाद लगभग एक घंटे के बाद जाम खुलवाने में कामयाब हो पाए। जाम खुलने के बाद अलीगढ़ मार्ग पर यातायात सुचारू हुआ।
पुलिस व परिजनों में हुई नोकझोंक
शव को मार्ग से उठाने को लेकर पुलिस एवं मृतक के परिजनों में तीखी नोकझोंक होने से मामला गरमा गया था। प्रभारी निरीक्षक ने केशव के शव को अलीगढ़ मार्ग से उठाने की कोशिश की। मृतक के चचेरे एवं तेहरे भाई गुस्से में आ गए। उनकी पुलिस से जमकर नोकझोक हुई। इससे मामला गरमा गया। प्रभारी निरीक्षक की सूझबूझ से मामला सुलझ गया और वह जाम खुलवाने में सफल रहे।
