Kanpur: GRP और रेल कर्मियों के बीच मारपीट, विवाद के फेर में फंसी कई ट्रेनें, एसओ जीआरपी लाइनहाजिर, जानें- पूरा मामला

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में जीआरपी और रेल कर्मियों में हुई मारपीट।

कानपुर में जीआरपी और रेल कर्मियों के बीच मारपीट। पिटाई के विरोध में रेल कर्मियों ने कानपुर से चलने वाली ट्रेनों का संचालन बंद किया। एसओ जीआरपी को लाइन हाजिर किया गया।

कानपुर, अमृत विचार। बीकानेर-प्रयागराज एक्सप्रेस के एसी कोच में चढ़ने के विवाद में जीआरपी की टीम और रेल कर्मियों के बीच मारपीट हो गई। यह मारपीट पहले कोच फिर उसके बाद प्लेटफॉर्म तक पहुंच गई। विवाद इतना बढ़ा कि दस लोग जख्मी हो गए।

मारपीट की सूचना पाकर रेल कर्मियों ने ट्रेनों का संचालन ठप कर दिया। इससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। विवाद के चलते ट्रैक खाली न होने पर लगभग एक घंटे ट्रेनों का संचालन बाधित रहा। 6 ट्रनों के प्लेटफॉर्म बदले गए। मामले में एसओ जीआरपी फतेहपुर को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

यह विवाद आरोपी को लेकर चढ़ रहे एसओ जीआरपी,फतेहपुर साहब सिंह और सिपाहियों का चल टिकट निरीक्षक दल से हुआ। बवाल इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों में कोच से लेकर प्लेटफार्म तक जमकर लात-घूसें और बेल्टें चली। सात रेल कर्मी सहित दस लोग जख्मी हुए। टीटीई बीके शर्मा ने चेनपुलिंग कर दी तो साहब सिंह  और सिपाहियों ने बीके शर्मा से भिड़ गए। सूचना पर कैरिज एंड वैंगन अनुभाग के कर्मचारी  आलोक गुप्ता, अमरनाथ और संतराम चेनपुलिंग करने को पहुंचे।

मारपीट देख अपने साथी रेल कर्मियों को बचाने के दौरान उनकी भी जीआरपी से भिड़ंत हो गई। मारपीट में टीटीई,कैरिज एंड वैंगन अनुभाग के सात कर्मी घायल हो गए। बवाल की सूचना पर  नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के विक्रम यादव मौके पर गए। इसके बाद कर्मचारियों से बातचीत की। नारेबाजी के साथ ही कैरिज एंड वैंगन अनुभाग के कर्मियों ने पिटाई औऱ चेकिंग दल के कैश लूटने के मसले को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। जीआरपी सेंट्रल का दल मौके पर गया और मारपीट में घायल तीन कर्मचारियों और फतेहपुर जीआरपी के जवानों को थाने लाया गया।

35 मिनट बाद ट्रेन को कानपुर से प्रयागराज को रवाना किया गया। टीटीई बीके शर्मा ने प्रयागराज जाकर जीआरपी के खिलाफ मारपीट और कैश, मोबाइल लूटने की तहरीर दी है, जबकि कैरिज एंड वैंगन के कर्मियों ने पिटाई की तहरीर कानपुर सेंट्रल जीआरपी को दी। एसपी रेलवे अष्टभुजा सिंह ने प्रथम दृष्टया घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए एसओ, फतेहपुर साहब सिंह  को लाइनहाजिर करने के साथ ही पूरे प्रकरण की जांच डिप्टी एसपी सुनीता सिंह को सौंप दी है।

 विवाद के फेर में फंसी ट्रेने

विवाद के चलते कानपुर से चलने वाली ट्रेनें इस चक्कर में समय पर न चल सकी। प्रयागराज इंटरसिटी, वैशाली एक्सप्रेस सहित छह ट्रेनों का संचालन रूक गया। प्लेटफार्म खाली न होने से प्रयागराज सहित छह ट्रेनों का प्लेटफार्म बदलना पड़ा। जबकि प्रयागराज इंटरसिटी, कानपुर-लखनऊ पैसेंजर, वैशाली, बांदा इंटरसिटी सहित छह ट्रेनें खड़ी रही। इसके अलावा श्रमशक्ति एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़ राजधानी,सियालदह राजधानी सहित 12 ट्रेनें दिल्ली और हावड़ा साइड आउटरों पर रोकनी पड़ी क्योंकि प्लेटफार्म ही खाली नहीं थे। इससे यात्रियों को भी दिक्कतें हुई। सुबह लगभग आठ बजे ट्रेन संचालन शुरू हो सका। इस बीच लगभग एक घंटे तक ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा।

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