अयोध्या: रामजन्मभूमि उड़ाने की धमकी देने के सह आरोपी की जमानत अर्जी ख़ारिज
अयोध्या, अमृत विचार। रामजन्मभूमि थाना क्षेत्र के रामकोट निवासी एक कथावाचक के मैनेजर के मोबाइल पर फोन कर रामजन्मभूमि को उड़ाने की धमकी देने की सह आरोपी महिला की जमानत याचिका अदालत ने सोमवार को खरिज कर दी। जमानत याचिका अपर जिला जज अशोक कुमार दुबे प्रथम की अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। जिसका शासकीय अधिवक्ता रोहित पांडेय और अभय ने विरोध किया।
माघ मेले में प्रयागराज गए रामकोट मोहल्ला निवासी एक कथावाचक के मैनेजर के मोबाइल पर 2 फरवरी की सुबह फोन कर 10 बजे तक रामजन्मभूमि को उड़ाने की धमकी दी गई थी। मामले की जानकारी के बाद थाना प्रभारी रामजन्मभूमि ने मोबाइल नंबर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
मामला सुरक्षा को लेकर अतिसंवेदनशील की श्रेणी में शामिल रामजन्मभूमि से जुड़ा होने के चलते तत्काल तमाम सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई थीं और संबंधित मोबाइल धारक नई दिल्ली के इंद्रलोक स्थित शाहजबदा निवासी होम एप्लायंस कारोबारी बिलाल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया तो पता चला कि इसी नंबर से दिल्ली के काश्मीरी गेट मेट्रो में भी तीन जगहों पर बम धमाके की धमकी दी गई है। बारीकी से एजेंसियों ने बिलाल से तहकीकात की तो पता चला कि किसी ने उसके मोबाइल नंबर से फोन किया है।
इसके बाद पुलिस ने अनिल रामदास घोड़के उर्फ बाबा जान मूसा उर्फ सैटर्न राहेल तथा उसकी पत्नी विद्याशंकर धोत्रे उर्फ जार्ड सतन शनि सिगरा उर्फ आयरन सैटर्न हेल निवासीगण बिल्डिंग क्रमांक 19 अ रूम नंबर 7 मैत्री पार्क सायन ट्राम्बे रोड चेम्बुर मुम्बई महाराष्ट्र को गिरफ्तार किया था और इनके पास से 9 मोबाइल, 2 चार्जर, 1 लैपटाप, 2 लैपटाप चार्जर, 2 धार्मिक पुस्तक, 3 आधार कार्ड व 4 पैन कार्ड, 6 एटीएम कार्ड, 5 चेकबुक , 2 पासबुक, 3 बर्थ सर्टिफिकेट, दो इलेक्शन कमीशन के सादा फार्म व आधार कार्ड संसोधन के 9 फार्म, कौड़ी, नग, ताबीज, माला, इलेक्ट्रानिक तराजू छोटा, प्रॉक्सी स्केल व एक कालेरंग का डायमंड सेलेक्टर तथा नकदी बरामद की थी।
पूछताछ में दोनों के ऑनलाइन ठगी में शामिल होने की बात भी सामने आई थी और पुलिस ने धमकी की धारा में दर्ज इस मामले में धोखाधड़ी, कूटरचना, विद्वेष फ़ैलाने व आईटी एक्ट की धारा बढ़ाई थी। मामले में विद्याशंकर धोत्रे उर्फ जार्ड सतन शनि सिगरा उर्फ आयरन सैटर्न हेल ने जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, जिसको अदालत ने नामंजूर कर दिया।
यह भी पढ़ें : अलीगढ़ : पूर्व सीएम कल्याण सिंह को गृहमंत्री ने दी श्रद्धांजलि, कहा- राम के लिए बाबूजी ने बड़ा बलिदान दिया
