सुलतानपुर : शिक्षक कल रहेंगे सामूहिक अवकाश पर, सीएम को भेजेंगे ज्ञापन 

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Edited By Amrit Vichar
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सुलतानपुर, अमृत विचार। कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान के शिक्षकों ने फुपुक्टा और ऑक्टा के आह्वान पर छात्रों की बायोमेट्रिक उपस्थिति के विरोध में, पुरानी पेंशन के मांग, शिक्षा के निजीकरण के विरोध में तथा नई शिक्षा नीति की वापसी के लिए काली पट्टी बांधकर लगातार छठे दिन सोमवार को भी पठन पाठन के साथ विरोध प्रदर्शन किया। डॉ राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के गेट पर 22 अगस्त को सामूहिक रूप से धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए संस्थान शिक्षक इकाई की मीटिंग का भी आयोजन किया गया।

डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. विजय प्रताप सिंह ने कहा कि संस्थान में छात्रों की बायोमेट्रिक उपस्थिति का सीधा फायदा निजी क्षेत्र के कॉलेजों को होगा। अनुदानित महाविद्यालय में छात्रों का प्रवेश प्रभावित होगा। शिक्षकों के विधिक मांगों की लिस्ट लगातार लंबी होती जा रही है, जिसे सरकार  अनसुना कर रही है। पीएचडी धारक शिक्षकों का पांच इंक्रीमेंट, उनके पद का सततीकरण, ट्रांसफर की नीति, कैशलेस मेडिकल सुविधा, लीव एनकैशमेंट ऐसे कई मुद्दे हैं जो विधि सम्मत होने पर भी सरकार द्वारा पूरा नहीं किया जा रहा है। अतः मजबूर होकर प्रदेश के समस्त महाविद्यालय के शिक्षक 22 अगस्त को अपने-अपने विश्वविद्यालय मुख्यालय पर उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ के आह्वान पर धरना देंगे एवं ज्ञापन मुख्यमंत्री एवं कुलाधिपति को भेजा जाएगा।

संस्थान के शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो जयशंकर शुक्ला ने बताया कि इतिहास साक्षी है की जब जब सरकार तानाशाह बनने के इरादे से शासन करने की कोशिश करती रही है तब तब शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने के साथ साथ शिक्षको ंको सिर्फ बंधुआ मजबूर बनने के लिए मजबूर किया है। इसलिए वर्तमान सरकार के इरादे स्पष्ट नजर आ रहे है।  सरकार के शिक्षा व्यवस्था पर किए जा रहे नए नए प्रयोग के विरोध में संस्थान के सभी शिक्षकों द्वारा सामूहिक रूप से धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सोमवार को मीटिंग में उपस्थित हुए तथा धरना को मजबूती प्रदान करने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ भी दिखे। 

यहां प्रो. राधेश्याम सिंह, प्रो. प्रतिमा सिंह, प्रो. वंदना सिंह, प्रो. सुनीता राय, प्रो. मीनाक्षी पांडे, डॉ. रत्नेश, दो. अजीत, डॉ. विजय. डॉ. पवन, डॉ. संजय, डॉ. कुलदीप, डॉ. अनिल, डॉ. अवधेश, डॉ. सुरेश, डॉ. राजकुमार, डॉ. अतुल, डॉ. पीके सिंह आदि रहे।

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