Jalaun News: घर के बाहर से हो गई थी लापता, छह दिन बीत जाने के बाद भी मासूम का नहीं लगा सुराग, जानें- पूरा मामला
जालौन में छठवें दिन भी मासूम जान्हवी का नहीं लगा कोई सुराग।
जालौन में 17 अगस्त को घर के बाहर खेलते लापता मासूम का छह दिन बीत जाने के बाद भी सुराग नहीं लगा। स्क्वायड डॉग टीम व कोतवाली पुलिस के हाथ खाली है।
जालौन, अमृत विचार। शहर कोतवाली के चोरसी गांव में घर के बाहर खेल रही दो साल तीन माह की मासूम जान्हवी अचानक लापता हो गई थी। तब से लेकर आज तक उसे खोजने के लिए परिवार सहित पुलिस के सारे प्रयास विफल साबित हुए हैं। गांव में कोतवाली पुलिस ने स्क्वायड डॉग टीम के साथ जलभराव वाले स्थलों से लेकर खुले टैंकों में भी जांच कराई लेकिन उसका कोई सुराग हाथ नहीं लगा। आखिर बिटिया गई तो कहां गई ये सोचकर माता पिता परेशान।
जानकारी के मुताबिक 17 अगस्त को शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव चोरसी में रह रहे दमरास गांव के मूलनिवासी मोहित दोहलिया की 2 वर्ष 3 माह की पुत्री जान्हवी सुबह 9:00 बजे के करीब घर के दरवाजे पर खेल रही थी, तभी अचानक लापता हो गई। कुछ देर बाद जब बिटिया की आवाज मां नेहा दोहलिया को नहीं सुनाई दी तो उसने बाहर देखा। जब वह नहीं मिली तो वह बुरी तरह घबरा गई और अपने पति को बताया कि जान्हवी कहीं नजर नहीं आ रही।
सूचना मिलते ही वह फौरन घर पहुंच गया और फिर गांव गली में अपनी लाड़ली को तलाशने लगा। जान्हवी को खोजने का उसने भरसक प्रयास किया लेकिन कोई पता नहीं चला। तब उसने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही तत्कालीन कोतवाल शिवकुमार राठौर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। आसपास के लोगों से पूछतांछ की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वह स्क्वायड डॉग टीम के साथ भी पहुंचे और नाले से लेकर जल भराव और अर्द्धर्निमित टैंको को चेक कराया। 6 दिन बीत चुके है लेकिन पुलिस को अभी तक उसका पता लगाने में कोई सफलता नहीं मिली।
आखिर कहां गई मेरी जान्हवी, कोई तो बताए
मोहित और उसकी पत्नी नेहा अपनी बिटिया जान्हवी की चिंता में परेशान है। नेहा के तो आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। हालत यह है कि रात में भी वह जान्हवी जान्हवी कहकर रोने लगती है। वह कहती है कि आखिर मेरे परिवार ने किसी का क्या बिगाड़ा था जो मेरी बेटी को ले गए। आखिर धरती उसे निगल गई या फिर आसमान खा गया कोई तो बताए की मेरी लाड़ली आखिर कहां है।
बुआ करती है तंत्रमंत्र
मोहित दोहलिया का कहना है कि मेरी बहिन और जान्हवी की बुआ तंत्रमंत्र करती है। मैने कोतवाली पुलिस को लिखित में अपनी बात बताई थी। पुलिस उन्हे और संजय को पूछतांछ के लिए ले गए गई थी। इसके बाद दोनों को ही छोड़ दिया। पुलिस ने क्यों छोड़ दिया यह तो कोतवाली पुलिस ही जाने। तीन दिन से बिटिया को तलाशने की कोई प्रक्रिया नहीं हो रही है। सोमवार को मेरे घर पर मेरे बहनोई आए और मुझे धमकी दे रहे है कि जो रिपोर्ट की है उसे वापस ले लो। इसकी सूचना मैने पुलिस को दी तो फौरन ही पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन कार्रवाई क्या हुई मुझे पता नहीं है।
पिता की मौत का गम अभी भूले भी नहीं है
लापता हुई मासूम जान्हवी के पिता मोहित ने बताया कि मेरे पिता चाय की दुकान किए थे उसी से परिवार का भरण पोषण चल रहा था। कोरोना काल मे मेरे पिता की मौत हो गई थी। पूरे परिवार का बोझ मेरे ऊपर आ गया। पिता की दुकान को चलाकर दिनरात मेहनत करके जैसे तैसे अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था। जो था उसी में परिवार खुश था और धीरे धीरे पिता की मौत का गम भूलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अब बिटिया का लापता होने का गम सामने आ गया।
