बाराबंकी : शीलू सिंह राजपूत ने आल्हा गायन से भरा ग्रामीणों में जोश

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

रामनगर / बाराबंकी,अमृत विचार। कस्बे में परम्परानुसार आल्हा गायन का आयोजन किया गया। आल्हा गायन की शानदार प्रस्तुति शीलू सिंह राजपूत रायबरेली के द्वारा की गई। सहयोगी कलाकार की भूमिका नीरज दीक्षित अदा कर रहे थे बांसुरी पर  सोहनलाल ढोलक पर वासुदेव झींका पर पवन कुमार दण्डवाल पर रामचंद्र साथ निभा रहे थे। 

आल्हा गायन में शीलू सिंह राजपूत ने बड़े लड़इया आल्हा उदल, जिनकै बेड़ि बहै तलवार, सुनाकर श्रोताओं में जोश भर दिया। इसके बाद नदी बेतवा के झाबर मां खट खट बाज रही किरपान, सुना कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया उसके अलावा  अबय बेतुला न बूढ़ा भा,न बल खाय गयी तलवार। का गायन सुनाते ही श्रोताओं की तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा पंडाल हिलने लगा।इसी तरह तमाम युद्ध का वर्णन किया गया इसके अलावा युवा पीढ़ी को से सावधान रहने की सीख दी गई बेटी और बेटे में फर्क करने तथा मां की कोख में बेटियों की हत्या करने वाले लोगों को आइना दिखाया गया। सुबह से ही बारिश शुरू हो गयी लेकिन आल्हा के शौकीन लोगों का जोश कम नही हुआ भीगी कुर्सियों पर लोग आल्हा सुनकर जोश के साथ तालियां बजाते रहे। 

इस मौके पर आयोजक नगर पंचायत अध्यक्ष रामशरण पाठक, थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेश पांडेय घनश्याम शर्मा ग्रिजेश शुक्ला रविकांत पांडेय कमलेश पांडेय दयाशंकर तिवारी पवन ओझा बंशीधर मास्टर तथा टाउन एरिया के कर्मचारी सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय श्रोतागण मौजूद रहे।

ये भी पढ़ें -Inspire Award Scheme : कालेजों ने नहीं दिखाई रुचि, योजना से वंचित हैं मेधावी

संबंधित समाचार