mydigirecords का व्यापक हेल्थकेयर सॉल्यूशन हुआ लॉन्च
नई दिल्ली। मायडिजिरिकॉर्ड्स (एमडीआर) ने अपने महत्वपूर्ण और व्यापक हेल्थकेयर सॉल्यूशन वाले ऐप को लॉन्च करने की घोषणा की है जो लोगों को अपना हेल्थ डेटा मैनेज करने और उसे व्यवस्थित रखने में समर्थ बनाने वाला और हेल्थ रिकॉर्ड्स के संपूर्ण डिजिटाइजेशन के कार्यान्वयन में सरकार की सहायता कर रहा है।
मायडिजिरिकॉर्ड्स की संस्थापक एवं सीईओ डॉ. सरोज गुप्ता और मायडिजिरिकॉर्ड्स के मुख्य विपणन अधिकारी क्रिस हम्फ्रीज़ ने कल रात यहां आयोजित एक कार्यक्रम में इसको लान्च किया।
इस अवसर पर जेई डुन के पूर्व सीईओ और मायडिजिरिकॉर्ड्स के निवेशक टेरी डुन, मायडिजिरिकॉर्ड्स के सीटीओ शेखर गुप्ता और मायडिजिरिकॉर्ड्स के मुख्य परिचालन अधिकारी वीरेन अग्रवाल भी मौजूद थे। इस अवसर पर डॉ गुप्ता ने कहा, हमने अपना नया ऐप्लीकेशन पेश किया है, हम एक महत्वपूर्ण समाधान पेश करके उत्साहित हैं, जोकि हेल्थकेयर प्रबंधन में बड़ा बदलाव लेकर आएगा।
हमारा प्लेटफॉर्म लोगों को केन्द्रीयकृत तरीके से रिकॉर्ड रखने, टीकाकरण पर नजर रखने और दवाओं के प्रबंधन द्वारा अपने सेहत के सफर पर नियंत्रण रखने के लिये सशक्त करता है। हम सिर्फ एक ऐप लॉन्च नहीं कर रहे हैं हम भारत में हेल्थकेयर के डिजिटाइजेशन के एक नये युग की पहल कर रहे हैं।
मायडिजिरिकॉर्ड्स हेल्थकेयर से जुड़े पूर्वसक्रिय फैसलों को बढ़ावा देने के लिये प्रतिबद्ध बना रहेगा, जिससे आखिरकार सभी के जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि नवाचार से एमडीआर को मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, जाँच के परिणाम और टीकाकरण के रिकॉर्ड आसानी से उपलब्ध कराकर तथा उनका प्रबंधन कर भारत में स्वास्थ्य रक्षा के परितंत्र को बदलने के लिए प्रयासरत है।
एक मानकीकृत एवं अंत:प्रचालनीय प्लेटफॉर्म होने के कारण यह कागजी रिकॉर्ड्स की चूकों और इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों की अव्यवस्था को दूर करते हुए रिकॉर्ड रखने में होने वाली सभी चुनौतियाँ हल करने का एक सुविधाजनक समाधान भी दे रहा है।
इस सक्षम और मरीज-केन्द्रित सिस्टम से मरीज की देखभाल को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि यह समझदारी से फैसले लेने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि नई अत्याधुनिक मायडिजिरिकॉर्ड्स ऐप में कई खूबियाँ हैं, जो किसी के हेल्थ डेटा को मैनेज करना आसान बनाएंगी।
यूजर मेडिकल हिस्ट्री, टीकाकरण, दवाओं के पर्चे, आदि सहित अपने मेडिकल रिकॉर्ड स्टोर और मैनेज कर सकेंगे, और यह सभी एक सुरक्षित जगह पर होंगे। इसके अलावा, यह प्लेटफॉर्म आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के साथ प्रामाणिक रूप से एकीकृत भी है।
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