बरेली: रेवड़ियों की तरह बांटा 1199 करोड़ का ऋण, 56 करोड़ भी नहीं कर सके वसूल
उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक की ऋण वितरण कर वसूली की स्थिति बेहद खराब
राकेश शर्मा, बरेली। उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक ने राज्य भर के किसानों को कृषि समेत अन्य प्रयोजनों के लिए रेवड़ियों की तरह ऋण बांट दिया। अब बैंक अधिकारी देय धनराशि वसूल नहीं करा पा रहे हैं। वसूली की स्थिति बेहद खराब है। 1999 करोड़ 83 लाख के सापेक्ष अभी तक सिर्फ 55 करोड़ 74 लाख रुपये की वसूली हुई है।
बैंक अफसरों की वसूली में लापरवाही की वजह से सहकारिता विभाग पर बोझ बढ़ रहा है। अपेक्षित वसूली न होने पर यदि नाबार्ड की देय किस्तों का भुगतान समय पर नहीं हुआ तो नाबार्ड समेत अन्य संस्थाओं से उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक को पुनर्वित्त भी मिलना मुश्किल हो जाएगा।
ऐसा हुआ तो इसका असर वर्तमान में जरूरतमंद किसानों को ऋण वितरण पर पड़ेगा। वहीं, बरेली मंडल में 294 करोड़ 22 लाख रुपये का ऋण बांटा है। इसके सापेक्ष वसूली नाममात्र की हुई है।
पिछले साल की अपेक्षा घट रही वसूली, अफसर चिंतित
उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक ने पिछले साल 1779 करोड़ 86 लाख रुपये का ऋण 75 जिलों में बांटा था। इसके सापेक्ष 81 करोड़ 88 लाख की वसूली समान अवधि में हुई थी। जबकि वर्तमान में वसूली बढ़ने की जगह घट रही है। 1999 करोड़ 83 लाख के सापेक्ष सिर्फ 55 करोड़ 74 लाख की वसूली हुई। सहकारिता आयुक्त एवं निबंधक की ओर से 1 जुलाई से 15 अगस्त तक की वसूली की सभी जिलों की रिपोर्ट जारी की गई, जिसमें प्रत्येक जिले में वसूली की धनराशि का प्रतिशत घटा है, इसलिए सहकारिता विभाग के अधिकारी चिंतित हैं।
सहकारिता आयुक्त ने मांगा जिलाधिकारियों से वसूली कराने में सहयोग
सहकारिता आयुक्त एवं निबंधक बीएल मीणा ने 21 अगस्त को बरेली समेत सभी जिलों के जिलाधिकारियों को चिट्ठी लिखी है। जिसमें उन्होंने कहा है कि उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक राज्य के किसानों के लिए दीर्घकालीन ऋण की सुविधा 64 वर्षों से उपलब्ध करा रही है।
बैंक उपलब्ध कराए जाने वाले ऋण के लिए नाबार्ड समेत अन्य संस्थाओं से पुनर्वित्त प्राप्त करती है, जिसकी अदायगी बैंक को नियत तिथि पर निर्धारित ब्याज दर पर ब्याज सहित करनी होती है। जिलाधिकारियों से कहा है कि अपने जनपद के अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व एवं उप जिलाधिकारी को आवश्यक निर्देश जारी करें और नियमित रूप से बैंक के बकाया देयों में एक लाख से बड़े बकायेदारों एवं आरसी से वसूली प्रगति की समीक्षा करने पर जोर दिया।
इन जिलों की ये है वसूली की स्थिति
जनपद बांटा ऋण (करोड़) वसूली (लाख)
बरेली 75.67 182
पीलीभीत 51.34 109
बदायूं 49.61 82
शाहजहांपुर 117.60 158
लखीमपुर 84.92 92
रामपुर 53.80 158
मुरादाबाद 20.08 55
कानपुर 9.15 49
औरेया 5.41 19
अयोध्या 10.96 80
मंडल में शाहजहांपुर में सबसे ज्यादा ऋण बांटा
बरेली मंडल में सर्वाधिक ऋण शाहजहांपुर जिले में बांटा गया। यहां 117 करोड़ 60 लाख रुपये का ऋण किसानों को बांटा, जबकि वसूली 1 करोड़ 58 लाख रुपये की है। पिछले गत वर्ष में यहां 97 करोड़ का ऋण बांटा तब 2 करोड़ 73 लाख की वसूली हुई थी। दूसरे नंबर पर बरेली रहा।
यहां 75 करोड़ 67 लाख का ऋण बांटा, इसके सापेक्ष वसूली 1 करोड़ 82 लाख रुपये की हुई है। जबकि पिछले गत वर्ष 74 करोड़ 64 लाख का ऋण बांटा और वसूली 2 करोड़ 89 लाख रुपये की गई थी। इसके अलावा प्रदेश में आगरा में 107 करोड़ और सहारनपुर में 105 करोड़ का सर्वाधिक ऋण बांटा है।
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