प्रयागराज : काशी विश्वनाथ में गन्ने का रस चढ़ाने की मांग वाली याचिका खारिज

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प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महादेव एंटरप्राइजेज फर्म द्वारा दाखिल जनहित याचिका को वापस लेने की शर्त पर खारिज कर दिया। जिसमें राज्य सरकार और उसके अधिकारियों को वाराणसी में स्थित काशी विश्वनाथ में हिंदू भक्तों को गन्ने का रस चढ़ाने के मामले में हस्तक्षेप न करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। 

मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने याचिका को वापस लेने की अनुमति देते हुए एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। हालांकि याची के अधिवक्ता के आग्रह पर कोर्ट ने जुर्माने पर पुनर्विचार करने की बात कही। दरअसल अच्छे परिणाम के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर में गन्ने का रस चढ़ाने के जनता के अधिकार में हस्तक्षेप न करने की मांग करते हुए वाराणसी में संचालित एक फर्म और उसके मालिक द्वारा याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में बताया गया कि सभी श्रद्धालु विश्वनाथ मंदिर में गन्ने का रस चढ़ाने के लिए सावन के महीने का बेसब्री से इंतजार करते हैं। गत 16 अप्रैल 2023 को बड़े पैमाने पर जब जनता ने ज्योतिर्लिंग पर गन्ने का रस चढ़ाना चाहा तो पुलिस अधिकारियों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। इसके बाद याचियों ने वाराणसी जिला मजिस्ट्रेट को एक पत्र भेजकर इस संबंध में अनुमति मांगी। हालांकि मामला अभी भी विचाराधीन है। याचिका में आगे बताया गया कि भगवान शिव की पूजा में उपयोग किए जाने वाले गन्ने के रस को उपलब्ध कराने के लिए क्षेत्र के किसानों से गन्ना खरीदा जाता है, जिससे स्थानीय किसानों को भी फायदा होता है।

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