गोरखपुर : जेल से रिहा हुये अमर और मधुमणि त्रिपाठी
गोरखपुर, अमृत विचार। कवियत्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में करीब 20 साल से जेल की सजा काट रहे अमरमणि और मधुमणि त्रिपाठी रिहा हो गये।
दरअसल, अमरमणि और मधुमणि त्रिपाठी 20 साल पुराने मधुमिता हत्याकांड में सजा काट रहे थे। जेल में अच्छे आचरण के कारण समय से पहले रिह हुये हैं। 25-25 लाख के मुचलके पर पति-पत्नी छूटे हैं।
बताया जा रहा है कि एक दिन पूर्व उत्तर प्रदेश सरकार ने अमरमणि और मधुमणि के रिहाई का आदेश जारी किया था। उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले के खिलाफ मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला ने सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिस पर सुप्रीमकोर्ट ने सुनाई करते हुये यूपी सरकार से जवाब मांगा है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी की रिहाई पर रोक नहीं लगाई है। अमरमणि त्रिपाठी और मधुमणि त्रिपाठी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है।
शुक्रवार सुबह से ही अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि त्रिपाठी की रिहाई के लिए डीएम ऑफिस में कागजात की जांच चल रही थी। बांड भराये जाने के बाद डीएम कार्यालय में जमा किये गये और उसके कुछ देर बार दोनों के रिहा कर दिया गया।
हालांकि अमरमणि त्रिपाठी अभी जेल में नहीं थे, वह लंबे समय से गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं।
मधुमिता हत्याकांड
साल 2003 में 9 मई को लखनऊ स्थित पेपरमिल कालोनी में कवियत्री मधुमिता की हत्या कर दी गई थी। इसी हत्याकांड में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि त्रिपाठी को उम्रकैद की सजा हुई थी।
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