बरेली: आए दिन हो रही नोकझोंक फिर भी फास्टैग की व्यवस्था नहीं, जानिए मामला
नैनीताल स्टेट हाईवे पर दोहना और मुड़िया मुकर्रमपुर टोल प्लाजा पर अब भी नकद लिया जा रहा टैक्स
फोटो- भोजीपुरा से पहले दोहना में बना टोल प्लाजा।
बरेली, अमृत विचार। केंद्र सरकार ने सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग की व्यवस्था लागू करने के निर्देश हैं लेकिन नैनीताल स्टेट हाईवे पर दोहना और मुड़िया मुकर्रमपुर टोल प्लाजा पर अब तक फास्टैग से टोल टैक्स लेने की व्यवस्था नहीं है। नकद में टोल टैक्स लेने पर अक्सर चालकों की टोल कर्मियों से कहासुनी होती है।
फास्टैग व्यवस्था लागू न करने को लेकर दो कारण बताए जा रहे हैं। उप्र स्टेट हाईवे अथारिटी के जिम्मेदारों का कहना है कि अक्टूबर 2015 में दोहना में पीएनसी कंपनी ने टोल टैक्स लेना शुरू किया था। इसके बाद साल 2020 में इसी कंपनी ने बहेड़ी के आगे मुड़िया मुकर्रमपुर में टोल प्लाजा का निर्माण कराया था। दोनों जगह अनुबंध में फास्टैग का जिक्र नहीं था। अब केंद्र सरकार के निर्देश पर फास्टैग की व्यवस्था लागू करने के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि फास्टैग लागू किया तो कार्यदायी संस्था की आमदनी पर असर पड़ेगा। अभी एक छोर पर टैक्स की पर्ची मिलने के बाद दूसरे छोर पर दिखाकर वाहन गुजर सकते हैं। 52 किमी की दूरी तय करने के लिए वाहनों को दो टोल प्लाजा से गुजरना पड़ता है लेकिन दूसरे जनपदों के ज्यादातर लोगों से टोल कर्मी जानकारी के अभाव में दोनों टोल प्लाजा पर टैक्स वसूल लेते हैं। अगर फास्टैग की व्यवस्था लागू हो जाती है तो उनकी अवैध कमाई बंद हो जाएगी।
दावा : अब हो रही फास्टैग की तैयारी
स्टेट हाईवे अथारिटी के अधिकारियों ने करीब तीन साल पहले फास्टैग व्यवस्था लागू करने के लिए पीएनसी कंपनी को निर्देश दिए थे। तब नुकसान होना बताकर कंपनी ने असमर्थता जाहिर की थी। तर्क था टोल प्लाजा का निर्माण पीपीपी मॉडल के तहत हुआ है। इसके शुरू होने से पहले अनुबंध में फास्टैग से टैक्स वसूली की शर्त नहीं थी।
अब स्टेट हाईवे अथारिटी के अधिकारियों को कंपनी की ओर से पत्र लिखा गया है। जिसमें कहा गया है कि यह दोनों टोल प्लाजा काफी पुराने हैं। फास्टैग व्यवस्था लागू करने के लिए सिस्टम में काफी बदलाव करने पड़ेंगे इसलिए स्टेट हाईवे अथारिटी भी नीति बनाकर भेजे ताकि काम शुरू कराया जा सके।
10 मिनट तक लग रहे एक वाहन निकलने में
टोल प्लाजा पर एक वाहन का नकद भुगतान होने में एक से दो मिनट तक लगते हैं। इतने में पीछे वाहनों की लाइन लगने लगती है। यदि 10 वाहन लाइन में लग गए तो सबसे पीछे वाले वाहन का नंबर आने में करीब 10 मिनट तक इंतजार करना होता है। दूसरी तरफ इस टोल प्लाजा पर वाहनों के निकलने के लिए पांच-पांच लेन बनी हुई हैं, इनमें से तीन-तीन लेन ही चल रही हैं। इनमें भी एक-एक लेन वीआईपी और एंबुलेंस के लिए है। अन्य वाहनों के लिए दो-दो लेन ही होने के कारण भी देरी होती है।
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