लखनऊ : डेंगू है खतरनाक, बचने के लिए तय मात्रा मे पियें पानी, जानें क्या कहते हैं केजीएमयू के डॉक्टर
लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी में बीते दस दिनों में करीब 30 मरीज डेंगू के मिल चुके हैं। बीते शुक्रवार को 8 मरीज एक ही दिन में डेंगू की चपेट में आये हैं। इन आंकड़ों की मानें तो धीरे-धीरे डेंगू के मरीजों में इजाफा हो रहा है। ऐसे में डेंगू से पीड़ित होने पर खानपान और आराम पर विशेष ध्यान देना चाहिए। साथ ही पानी पीने की मात्रा पर भी ध्यान देना जरूरी है। डेंगू से पीड़ित मरीज को कितना पानी पीना चाहिए। इसके लिए किंगजार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के प्रो.(डॉ.) डी.हिमांशू ने जानकारी साझा की है।

केजीएमयू के प्रो.डी.हिमांशू की माने तो डेंगू बुखार से पीड़ित मरीज को पानी सही मात्रा में पीना चाहिए न अधिक और न ही कम पानी पीना चाहिए। सही मात्रा में पानी पीने से रक्तचाप में गिरावट नहीं आयेगी। जिससे डेंगू पीड़ित मरीज की गंभीर हालत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि डेंगू बुखार की चपेट में आने पर कभी भी अधिक या कम मात्रा में पानी नहीं पीना चाहिए। अधिक मात्रा में पानी पीने से शरीर में सूजन आ सकती है। ऐसी स्थित होने पर भी डेंगू के मरीजों को खतरा होता है। वहीं पानी की मात्रा कम होने पर रक्तचाप में गिरावट आ सकती है। ऐसे में उन्होंने बताया कि पीड़ित व्यक्ति को 2 मिली पानी प्रतिघंटे के हिसाब से पीना चाहिए। यानी की यदि किसी का वजन 50 किलोग्राम है, तो उसको दिनभर में ढाई लीटर पानी पीना चाहिए। इससे रक्तचाप ठीक रहेगा।
मच्छरों की ब्रीडिंग रोकने के उपाय
1- वाटर टैंक व कंटेनरों को हमेशा ढक कर रखे, घर के अंदर और आसपास पानी को जमा न होने दें
2- कहीं भी पानी जमा न होने दें कबाड़ को घर के पास न जमा होने दें।
3- प्रत्येक सप्ताह कूलर का पानी बदले, किसी भी जगह पर पानी अधिक दिन तक जमा न होने दें।
4- घरो और होटल के वाटर टैंक में लार्वीवोरस फिश का उपयोग करे।
5- बर्ड बाथ, फूलदान आदि में प्रत्येक सप्ताह पानी बदले।
6- सीलन वाले मकानें में डेंगू के मच्छर अंडे देते हैं, वहां पर इनके पनपने का खतरा ज्यादा होता है।
बचाव
1- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग जरूर करें।
2- दिन के समय मच्छरों के काटने से बचने के लिए फुल बांह के कपड़े पहने बुखार आने पर चिकित्सक की सलाह पर दवा का उपयोग करे।
क्या न करे-
1- घर मे या घर के आस पास कूलर, बाल्टी, बैरल, फूलदान, बर्ड बाथ, फ्रीज़, टायर व नारियल के खोल में पानी जमा न होने दे।
2- बुखार होने पर स्वंय से दवा न करे, चिकित्सक के परामर्श के उपरान्त ही दवा का उपयोग करें।
3- उल्टी आने पर तत्काल अस्पताल में जाकर पूरा इलाज लें।
यह भी पढ़ें : चंद्र मिशन के बाद ISRO ‘आदित्य-एल1’ सूर्य मिशन के लिए तैयार, दो सितंबर को करेगा लॉन्च
