मुरादाबाद : अधिकारियों ने मानी किसानों की मांग, धरना समाप्त
11 गांव की भूमि अधिग्रहण को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे किसान, अधिकारियों ने फिलहाल योजना लागू करने से मना किया
मुरादाबाद/पाकबड़ा, अमृत विचार। चार दिन से लगातार चल रहे अनिश्चितकालीन धरने में चौथे दिन शनिवार शाम को अधिकारियों ने किसानों एवं भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों की बात मान ली। अधिकारियों ने फिलहाल अभी 11 गांव में योजना लागू करने के लिए मना कर दिया है। कहा कि जबतक सभी किसानों की सहमति नहीं हो जाती तब तक कोई भी योजना वहां पर लागू नहीं की जाएगी। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की ओर से 11 गांव में नई टाउनशिप बनाने को लेकर भूमि अधिग्रहण करने के लिए प्राधिकरण की ओर से योजना लागू की गई थी। योजना लागू करने के कुछ दिन बाद से ही किसानों एवं भारतीय किसान यूनियन द्वारा विरोध जताया जा रहा था। किसान चार दिन से लगातार अनिश्चितकालीन धरने पर एमडीए कार्यालय के ही अंदर बैठ गए थे। किसानों का कहना था कि जब तक योजना निरस्त नहीं करते हैं तब तक हम नहीं हटेंगे।
शनिवार की शाम को विकास प्राधिकरण कार्यालय पर प्राधिकरण की सचिव अंजूलता, एसीएम प्रथम राजबहादुर सिंह, सीओ सिविल लाइन अर्पित कपूर, भाकियू के राष्ट्रीय सचिव डॉ. नौ सिंह, प्रदेश महासचिव डॉ. चरन सिंह, जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी, राजेंद्र सिंह, शीशपाल सिंह के बीच लंबी बातचीत चली।
उसके बाद सभी अधिकारियों ने लिखित में दिया कि किसी भी किसान की जमीन बिना उनकी सहमति के नहीं ली जायेगी। कहा कि विकास प्राधिकरण की टीम अब उस तरफ नहीं जायेगी। कोई भी किसान अपनी जमीन को बेच सकता है। इस बात पर किसानों एवं भाकियू पदाधिकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई और धरना समाप्त कर दिया गया।
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