गोरखपुर: महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय ने मनाया द्वितीय स्थापना दिवस

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Edited By Amrit Vichar
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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय का दूसरा स्थापना दिवस सोमवार को मनाया गया। इसके साथ ही दूसरी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित स्मृति सप्त दिवसीय व्याख्यानमाला का भी समापन हुआ।

इस अवसर पर केंद्र सरकार के पूर्व औषधि महानियंत्रक डॉ, जीएन ने कहा कि महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय दो महान कर्मयोगियों ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ व ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के विचारों को गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिया गया मूर्त रूप है।

मात्र दो साल में इस विश्वविद्यालय ने जिस तरह कदम बढ़ाएं हैं जो उपलब्धियां हासिल की हैं वह प्रदेश देश ही नहीं विश्व को नई दिशा देने वाली साबित होंगी। यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय मूल्यों और आधुनिक तकनीकी का संगम बनकर कार्य कर रहा है। डॉ सिंह ने उत्तर प्रदेश में परिवर्तन व विकास की चर्चा करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश में सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था का अंग है। नीति आयोग और विश्व बैंक के अधिकारी यहां बदलाव का अध्ययन कर विकास प्रक्रिया से अभिभूत हैं।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल वाजपेयी ने कहा कि यह सिर्फ विश्वविद्यालय नहीं बल्कि समाज व राष्ट्र निर्माण का प्रकल्प है। स्थापना के अवसर पर 28 अगस्त 2021 को यहां 550 छात्र थे आज यह संख्या रिकार्ड दर से बढ़कर 1800 से अधिक हो चुकी है।

यहां अत्याधुनिक संसाधन के साथ उत्कृष्ट फैकल्टी भी है। बहुत जल्द यहां विश्व स्तरीय पंचकर्म केंद्र भी सेवा प्रदायी हो जाएगा। डॉ. वाजपेयी ने कहा कि यहां जो छात्र संसद गठित होगा वह पूरे विश्व के लिए रोल मॉडल बनेगा। वह जुलूस भी निकालेगा तो ज्ञान बढाने के लिए।

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