पीलीभीत: दावत में जाते हुए लगता है डर कोई टोक न दे..और सदन में ही फाड़ दिया एजेंडा
पीलीभीत, अमृत विचार। नगर पालिका बोर्ड की बैठक हंगामें की भेंट चढ़ गई। गुस्साए सभासद ने सदन में ही एजेंडा फाड़कर फेंक दिया और बैठक का बहिष्कार कर दिया गया। जिसके बाद चेयरमैन भी कुर्सी छोड़कर चली गई।
सभासदों का आरोप है कि इस बैठक में पिछली बैठक की पुष्टि तक नहीं की गई , न ही उन्हें प्रोसीडिंग भेजी गई। जो काम बताए जाते हैं, वह भी नहीं हो रहे। बता दें कि मंगलवार को नगर पालिका सभागार में दोपहर तीन बजे बोर्ड बैठक बुलाई गई थी।
बताते हैं कि लिपिक संतोष सक्सेना के द्वारा पिछली बोर्ड बैठक का जिक्र न करते हुए सीधे बजट को लेकर चर्चा शुरू कर दी गई। इस पर वार्ड नंबर आठ के सभासद विपिन कुमार उर्फ राजू फौजी, वार्ड नंबर 10 के गोकुल प्रसाद मौर्या और वार्ड 26 से पुष्पा उपाध्याय ने पिछली बोर्ड बैठक की पुष्टि ना करने पर सवाल उठा दिया।
फिर तो अन्य सभासदों ने भी पिछली बैठक की प्रोसीडिंग सभासदों को एंजेडें के साथ न देने पर नाराजगी जता दी। उनका कहना था कि कैसे पता चलेगा कि प्रस्ताव पर काम हो रहा है या नहीं? सभासद गोकुल प्रसाद मौर्य ने सवाल उठाते हुए कहा कि पिछली बोर्ड बैठक में समस्त सभासदों से कहा गया था कि जो भी भुगतान या काम कराया जाएगा। उसे बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा,लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है।
सभासद पुष्पा उपाध्याय ने मीडिया को सूचना न देने और उनके बैठने की व्यवस्था नहीं करने पर हंगामा कर दिया। बोर्ड बैठक 10 से 15 तारीख तक हर माह होनी चाहिए। लेकिन देरी की वजह क्यों नहीं बताई जाती? ऐसे ही हंगामा बढ़ता चला गया और सभासद राजू फौजी ने कहा कि वार्ड में बल्व तक नहीं लग सके हैं।
मोहल्ले और कॉलोनियों की दावत में भी जाते हुए डर लगता है कि कहीं कोई बल्व और सफाई के लिए टोक न दे। उनका गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने सदन में ही पालिका की ओर से दिया गए एंजेट को फाड़कर फेंकते हुए बैठक का बाहिष्कार करते हुए बाहर चले गए। उनके साथ में कुछ और सभासद भी बैठक से बाहर आ गए। इस पर चेयरमैन भी बैठक को छोड़कर चली गईं। सभी सभासदों ने फिर बोर्ड बैठक का बाहिष्कार कर दिया।
वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट के अनुमोदन के लिए बैठक बुलाई गई थी। पिछले माह में अधिक कार्यक्रमों की वजह से बैठक देरी से बुलाई गई। बैठक की सूचना सभी सभासदों को दी गई। प्रोसीडिंग को लेकर मुद्दा उठा था। जिसके लिए सभी से अगली बार से भेजने की बात कही गई थी। बैठक में सभी को सम्मान दिया जाता है। उनके द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर भी कार्य कराया जाता है। कुछ कामों में देरी हो रही है। जिसके पीछे बजट का अभाव है। हालांकि स्थिति को सामान्य करने में लगे हुए हैं। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। - डॉ. आस्था अग्रवाल, चेयरमैन पालिका
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