बरेली: फर्जी विधवा पेंशन...11 गांवों के प्रधान-सचिव तलब, फर्जी पतों पर दी जा रही थी पेंशन
इन्हीं गांवों के फर्जी पतों पर गोठा खंडुआ की अपात्र महिलाओं को दी जा रही थी पेंशन
बरेली, अमृत विचार। रामनगर ब्लॉक के गांव गोठा खंडुआ में 46 महिलाओं को पतियों के जीवित होने के बावजूद विधवा पेंशन देने के मामले में नया खुलासा हुआ है। इतनी बड़ी संख्या में एक ही गांव में विधवा पेंशन की लाभार्थी होने पर किसी को शक न हो, इसके लिए सरकारी कर्मचारियों और दलालों के नेटवर्क ने कागजों में उनके 11 गांवों में अलग-अलग पते दिखाए थे। इस तरह इन गांवों में विधवा पेंशन की पात्र महिलाओं के हक पर भी पानी फेर दिया। एसडीएम आंवला ने इस मामले में इन गांवों के प्रधान, सचिव और सहायक सचिवों को एक सितंबर को तलब किया है।
गोठा खंडुआ में 46 विवाहिताओं को विधवा पेंशन दी जा रही थी। अमृत विचार में इसके खुलासे के बाद जांच शुरू हुई तो इस फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गई। फर्जीवाड़े से पेंशन ले रही सभी महिलाएं गोठा खंडुआ की थी, लेकिन कागजों में उनका पता 11 अलग-अलग गांव का दिखाया गया था। इस मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी मोनिका राणा और एसडीएम आंवला गोविंद मौर्य जांच कर अपनी रिपोर्ट डीएम को दे चुके हैं। डीएम ने तीन सदस्यीय टीमें बनाकर पूरे जिले में इसकी जांच करने का आदेश दिया था। इसके बाद एसडीएम आंवला ने मंगलवार को दो गांवों में खुद जाकर जांच की।
एसडीएम ने बताया कि आधी जांच पूरी हो चुकी है। मंगलवार को गोठा खंडुआ और रामनगर में विधवा पेंशन ले रहीं अपात्र महिलाओं के अलावा ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, सहायक सचिवों से पूछताछ की गई। जांच में पता चला कि रामनगर ब्लॉक के 11 गांव के अलग-अलग पते पर इन महिलाओं को पेंशन दी जा रही थी। इन गांव के प्रधानों, पंचायत सचिव, सहायक सचिवों को एक सितंबर को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।
यह भी पढ़ें- बरेली: रक्षाबंधन पर यात्रियों को राहत, दिल्ली-कानपुर...आगरा और लखनऊ रूट पर बढ़ाए बसों के फेरे
