Allahabad High Court: फर्जी आयु प्रमाण पत्र मामले में फैसला आने तक ट्रायल कोर्ट के निर्णय पर रोक
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे मोहम्मद आजम खान, उनके बेटे, पूर्व विधायक मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान और आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा के खिलाफ फर्जी आयु प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में चल रहे मुकदमे के विचारण ट्रायल पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।
मुकदमे के विचारण पर रोक लगाने तथा कुछ नए साक्ष्य को प्रस्तुत करने की अनुमति दिए जाने संबंधी आजम खान की याचिका पर कोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित करते हुए निर्देश दिया है कि आजम खान सहित दो लोगों के खिलाफ रामपुर की एमपी/एमएलए (विशेष कोर्ट) में मुकदमे का ट्रायल चल रहा है, जिसके संबंध में कोर्ट ने एमपी/ एमएलए कोर्ट को निर्देश दिया कि वह मुकदमे का ट्रायल जारी रखें।
लेकिन मौजूदा याचिका पर हाई कोर्ट का फैसला आने तक ट्रायल पर निर्णय नहीं सुनाया जाएगा। उक्त आदेश न्यायमूर्ति राजवीर सिंह की एकल पीठ ने आजम खान व दो अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है। मालूम हो कि अब्दुल्लाह आजम ने अपने दो-दो आयु प्रमाण पत्र बनवाए हैं। दोनों में अलग-अलग जन्म तिथियां दर्ज हैं।
विधानसभा का चुनाव भी उन्होंने गलत आयु प्रमाण पत्र के आधार पर लड़ा था। इसके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना ने मुकदमा दर्ज कराया था। जांच में अब्दुल्लाह आजम का जन्म प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया, जिसकी वजह से उनकी विधानसभा की सदस्यता रद्द कर दी गई।
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