अल्मोड़ा: अतिक्रमण के विरोध में लमगड़ा में ग्रामीणों का प्रदर्शन
बाजार में जुलूस निकालकर राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
अल्मोड़ा, अमृत विचार। जिले की जागेश्वर विधानसभा के लमगड़ा में अतिक्रमण को लेकर प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने लमगड़ा में पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल के नेतृत्व में जुलूस निकालकर जोरदार प्रदर्शन और बाद में तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन भी भेजा।
जुलूस और प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि बीते दिनों जनभावनाओं की अनदेखी करते हुए लोक निर्माण विभाग ने विकास खंड के लमगड़ा, शहरफाटक, मोतियापाथर, छणोंजा, सुवाखान और जैंती में सड़कों के किनारे दुकानों, आवासीय भवनों, सरकारी संस्थानों आदि में चिन्हीकरण किया गया।
जिससे पूरे क्षेत्र में डर का महौल है। कई परिवारों को अपने आवासीय भवनों और दुकानें के टूटने और बेरोजगार होने का डर सता रहा है। कुंजवाल ने कहा कि इन क्षेत्रों में इन दुकानों के अलावा रोजगार का कोई साधन नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकांश भवनों और दुकानों का निर्माण बैंकों से ऋण लेकर किया गया है। ऐसे में अगर इन दुकानों को तोड़ दिया गया तो प्रभावित लोग बैंकों की किश्त तक नहीं भर पाएंगे।
पूर्व स्पीकर ने कहा कि प्रदेश सरकार को इस मामले में अविलंब विधेयक लाकर तत्काल इस कार्रवाई पर रोक लगानी चाहिए और लोगों को राहत देनी चाहिए। संघर्ष समिति के अध्यक्ष गिरीश चंद्र ने कहा कि क्षेत्र की जनता लोक निर्माण विभाग की इस कार्रवाई का विरोध करती है।
क्षेत्र के लोग अपनी इस लड़ाई को सड़क से सदन और न्यायालय तक लड़ेंगे। महामंत्री दीवान सतवाल ने कहा कि किसी भी कीमत पर क्षेत्र के लोगों के आशियानों को ध्वस्त नहीं होने दिया जाएगा। बाद में प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन भी भेजा।
प्रदर्शन और सभा में इंद्र सिंह, गोविंद सिंह, मनोज बजेठा, कैलाश बजेठा, शिवराज सिंह, भगवत सिंह, केशव आर्य, हिमांशु शर्मा, लक्ष्मी दत्त, पूरन बिष्ट, बबलू बोरा, विपिन सनवाल, नीरज मेलकानी, जगदीश चंद्र, हरीश बहुगुणा, पार्वती देवी, केशव बजेठा, लीलाधर, महेश सिंह, कैलाश चंद्र, तारा मेलकानी, मान सिंह आदि मौजूद रहे।
