अल्पसंख्यक तुष्टिकरण वाली कांग्रेस चाहिए या आदिवासी सम्मान वाली भाजपा: अमित शाह

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Edited By Amrit Vichar
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मंडला। मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के पूर्व केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज प्रदेश के आदिवासीबहुल जिले मंडला से इस वर्ग का आह्वान करते हुए कहा कि आदिवासी वर्ग तय करे कि उन्हें अल्पसंख्यक तुष्टिकरण करने वाली कांग्रेस की सरकार चाहिए या आदिवासियों के विकास और सम्मान को प्राथमिकता देने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार। शाह यहां भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा को हरी झंडी दिखाने आए थे।

इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते समेत प्रदेश सरकार के कई मंत्री और भाजपा के नेता उपस्थित थे। इस दौरान शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत मां नर्मदा और आदिवासियों के जननायक रघुनाथ और शंकर शाह के जिक्र से की। उन्होंने कहा कि गुजरात में मां नर्मदा के बिना जीवन की कल्पना नहीं है। वहीं रघुनाथ और शंकर शाह का बलिदान पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत है। 

उन्होंने कहा कि केंद्र में पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बयान दिया कि देश की तिजोरी पर पहला अधिकार अल्पसंख्यकों का है। कांग्रेस की सरकार तुष्टिकरण में डूबी रही। साल 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनकर आए। उन्होंने अपने पहले संबोधन में कहा कि उनकी सरकार आदिवासियों, गरीबों की है। इसके साथ ही शाह ने आदिवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि इन दो विचारधाराओं में आपको चयन करना है। कांग्रेस देश के संसाधनों पर अल्पसंख्यकों का पहला अधिकार बता रही है, वहींमोदी आदिवासियों और गरीबों का बता रहे हैं। 

 शाह ने कहा कि नौ साल में प्रधानमंत्री मोदी ने बहुत बदलाव किए। कांग्रेस जल जंगल जमीन की रक्षा की बात करती रही, जबकि मोदी ने जल जंगल जमीन के साथ आदिवासियों के समावेशी विकास को भी जोड़ा। उन्होंने छूटी हुई 23 जातियों को आदिवासी जातियों में जोड़ा। बिरसा मुंडा जयंती शुरु करवाई। देश भर में 10 जगहों पर आदिवासी जननायकों के संग्रहालय बनाए। देश में पहली बार कोई आदिवासी महिला राष्ट्रपति के पद पर पहुंची। 

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारें गांव गरीब, महिलाओं के उत्थान, बेटियों को आगे बढ़ाने की सरकार है। भारत की छवि सुधारने वाली सरकारें हैं। पहले देश पर आतंकवादी हमले करते रहते थे, पर कांग्रेस को कोई फर्क नहीं पड़ता था। उरी और पुलवामा हमले के बाद भारत ने आतंकवादियों का सफाया कर दिया। मोदी ने दुनिया भर में संदेश दे दिया कि भारत की सीमा से छेड़छाड़ नहीं करनी है।

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