कानून व्यवस्था

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Edited By Amrit Vichar
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उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार जब से आई है, तब से सरकार का प्रमुख और स्पष्ट एजेंडा प्रदेश को अपराध मुक्त करके अपराधियों को सजा दिलाने का रहा है। सरकार की मंशा कानून व न्याय व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने से दिख भी रही है। बीते मंगलवार को 2020 में हुए बिकरु कांड में संलिप्त 23 अपराधियों को सजा सुनाई गई।

यह न्याय प्रक्रिया दर्शाती है कि प्रदेश में न्याय को मजबूत करने के लिए सरकारी और पुलिस तंत्र कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहता है। पुलिस तंत्र की भूमिका यहां पर उल्लेखनीय इसलिए है कि बीते वर्षों में प्रदेश की पुलिस की कार्यशैली में न सिर्फ सुधार आया, बल्कि वह मामलों को गंभीरता से लेने के साथ ही साथ उसे जल्द से जल्द सुलझाने का प्रयास भी करती है।

पुलिस की तेज कार्यशैली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि काकोरी में एक शिक्षक की हत्या के मामले में अपराधियों को सजा हुई। इसके अलावा वर्ष 2022 में भाजपा नेत्री नुपुर शर्मा द्वारा मुंबई में एक धर्म विशेष पर टिप्पणी को लेकर देश भर में संबंधित धर्म के अनुयायियों द्वारा जगह-जगह विरोध प्रदर्शन के साथ बड़ी हिंसा की घटनाएं सामने आईं थी।

कहीं-कहीं तो नुपुर शर्मा को समर्थन करने वाले को जान का खतरा तक उत्पन्न हो जा रहा था, लेकिन उत्तर प्रदेश में इस बयान के विरोध में किसी की भी प्रदर्शन या हिंसा करने की हिम्मत नहीं पड़ी। यह सब उदाहरण दर्शाते हैं कि उत्तर प्रदेश में पुलिस का इकबाल बुलंद हो रहा है जिससे प्रदेश में कानून का राज स्थापित हो रहा है।

हालांकि अभी भी कुछ मामलों में पुलिस की उदासीनता दिखाई देती है। बीते दिनों आई एक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 49 जिलों में पिछले एक साल में एक भी टॉप टेन माफिया का न पकड़ा जाना पुलिस की उदासीनता को प्रकट करता है। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार माफिया मुक्त बनाने के एजेंडे पर कायम है। इसी कारण सरकार की तरफ से पुलिस को अपराधियों से निपटने के लिए पूरी छूट मिली हुई है।

सरकार द्वारा पुलिस को छूट दिए जाने का ही नतीजा है कि प्रदेश में अपराधियों और माफियायों में कानून का खौफ साफ नजर आ रहा है जिसकी वजह से पिछले वर्षों में अनेक अपराधी या माफिया स्वत: ही थानों में तख्ती लिए आत्मसमर्पण करते देखे गए हैं।

जिस प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत होती है उस प्रदेश में व्यापारिक निवेश की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। बीते वर्षों में देश और दुनिया के उद्यमी उप्र में निवेश कर अपनी व्यापारिक इकाईयां स्थापित कर रहें हैं जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। समझा जा सकता है कि कानून व्यवस्था की मजबूती से प्रदेश को समृद्धशाली बनाया जा सकता है।