संघ प्रमुख के बयान पर बोले स्वामी प्रसाद मौर्य- मोहन भागवत चाहें तो लग सकता है भेदभाव पर विराम
राज्य ब्यूरो, लखनऊ, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत चाहें तो समाज में भेदभाव पर विराम लग सकता है। आरएसएस प्रमुख के बयान पर ट्वीट के जरिए प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख ने हालांकि सच स्वीकारा, पर खेद है कि देश में और देश के तमाम प्रदेशों में आरएसएस के ही संरक्षण में सरकारें चल रही हैं। जहां-जहां भाजपा की सरकारें हैं, अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों का आरक्षण निष्प्रभावी और शून्य किया जा रहा है। लिटरल इंट्री के नाम पर आईएएस के चयन में भी एससी, एसटी, ओबीसी का आरक्षण शून्य है।
अगर यही बात वह कहते हैं तो आरएसएस की टीम उन्हें जान से मारने, हत्या करने, जीभ काटने, हाथ काटने, नाक-कान काटने व अपमानित करने के लिए सुपारी देती है। आज भी भेदभाव का नंगा-नाच जगजाहिर है। आदिवासी, दलित, समाज से आने वाले दो-दो राष्ट्रपतियों को मंदिर में जाने से रोककर अपमानित करने का घिनौना कृत्य किया गया, यहां तक कि नए संसद भवन के उद्घाटन में वर्तमान राष्ट्रपति की घोर उपेक्षा की गई। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा मुख्यमंत्री आवास खाली करने पर भाजपा द्वारा गोमूत्र और गंगाजल से धोया गया क्योंकि वह पिछड़े समाज से हैं।
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