बरेली: 33.21 फीसदी अभ्यर्थियों ने छोड़ी पॉलीटेक्निक की परीक्षा

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बरेली, अमृत विचार। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित पॉलीटेक्निक की प्रवेश परीक्षा शनिवार को जिले के 14 केंद्रों पर सम्पन्न हुई। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार 33.21 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। केवल 66.79 फीसदी अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा को दो पालियों में कराया गया। जिला …

बरेली, अमृत विचार। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित पॉलीटेक्निक की प्रवेश परीक्षा शनिवार को जिले के 14 केंद्रों पर सम्पन्न हुई। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार 33.21 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। केवल 66.79 फीसदी अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा को दो पालियों में कराया गया।

जिला समन्वयक नरेंद्र कुमार ने बताया कि पहली पाली की परीक्षा सुबह 9 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक चली। इसमें 6226 अभ्यर्थी पंजीकृत थे मगर 4220 अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी। बाकी 2006 ने परीक्षा को छोड़ दिया। इसके बाद दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे शुरू हुई और 5:30 बजे समाप्त हो गई।

इस पाली में कुल 2137 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, इसमें से केवल 1365 अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी। बाकी के 772 अनुपस्थित रहे। यह परीक्षा केवल 5 केंद्रों पर ही कराई गई। परीक्षा से पहले सभी केंद्रों पर अभ्यर्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई। हाथों को सैनेटाइज कराया गया उसी के बाद उन्हें परीक्षा कक्ष में भेजा गया।

पांच अभ्यर्थियों की आईसोलेशन में कराई परीक्षा
सुबह की पाली में 14 केंद्रों पर परीक्षा थी। परीक्षा से पहले थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान कांती कपूर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर में पांच बच्चे ऐसे मिले जिनके शरीर का तापमान सामान्य से अधिक था। जिला समन्वयक नरेंद्र कुमार ने बताया कि पहले दिन उन अभ्यर्थियों के हाथ-पैर धोने के बाद पंखे के नीचे बैठाया गया। पानी पिलाया गया, मगर उनके शरीर का तापमान फिर भी कम नहीं हुआ तो उन्हें सभी से आईसोलेशन कक्ष में परीक्षा की अनुमति दी गई। जिससे यदि उनमें संक्रमण हो तो अन्य बच्चे उनसे संक्रमित न हों।

सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां
पिछली परिक्षाओं की तरह इस प्रवेश परीक्षा में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा सका। अधिकांश केंद्रों पर अभ्यर्थियों की थर्मल स्कैनिंग और सैनेटाइजेशन तो हो रहा था, मगर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करता कोई नजर नहीं आया।

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