गदरपुर: आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत पर औषधीय पौधों के वितरण में हुई धांधली की जांच शुरू

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Edited By Amrit Vichar
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गदरपुर, अमृत विचार। भेषज विकास इकाई के माध्यम से ग्राम पंचायतों में औषधीय पौधों के वितरण धांधली के मामले की जांच शुरु हो गई है। मामले की जांच तीन सदस्यीय कमेटी करेगी ग्राम बकैनिया निवासी आरटीआई कार्यकर्ता विश्वनाथ ने  मुख्य विकास अधिकारी को पत्र भेज कर औषधीय पौधों के वितरण में हुई धांधली के मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी।
 
आरटीआई कार्यकर्ता विश्वनाथ ने मामले की शिकायत सीएम पोर्टल पर भी की थी। मुख्य विकास अधिकारी  से मिले जांच के निर्देश के बाद मुख्य उद्यान अधिकारी की अध्यक्षता में गठित की गई तीन सदस्यीय समिति ने जांच शुरू कर दी है। विदित होगा 9 अगस्त को विश्वनाथ ने सीडीओ विशाल मिश्रा को मेल से भेजे पत्र में कहा था कि भेषज विकास इकाई उधम सिंह नगर प्रतिवर्ष किसानों को औषधीय पौधों का निशुल्क वितरण करती है जिनके वितरण में जमकर धांधली की गई है।
 
पत्र में कहा गया था कि ईकाई ने आंवले के करीब 1200 और चंदन के 1800 पौधों की डिमांड शासन को भेजी थी लेकिन शासन ने उन पौधों की जगह सर्पगंधा के तीन लाख पौधों के वितरण के आदेश दिए थे, जिसका टेंडर समृद्धि  हर्ब्स नामक संस्था को दिया गया था, लेकिन तीन लाख पौधों के स्थान पर ग्राम पंचायत चंदन नगर, जगनपुरी एवं बुक्सौरा आदि में मात्र 50 हज़ार पौधों का ही वितरण किया गया, जबकि अन्य पौधों के वितरण का कार्य कागजी खानापूर्ति करके कर ली गई।
 
विश्वनाथ ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए सीएम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। विश्वनाथ का कहना है
भेषज विकास इकाई उद्यान विभाग में प्रत्येक वर्ष औषधीय पौधों के वितरण से टेंडर प्रक्रिया में व्यापक रूप से धांधली की जा रही है।

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