Kanpur Farmer Suicide News: सीएम के नाम पत्र लिखकर किसान ने की थी आत्महत्या… फरार BJP नेता समेत छह के खिलाफ NBW
कानपुर में किसान के आत्महत्या मामले में फरार भाजपा नेता समेत छह आरोपियों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू।
कानपुर में किसान के आत्महत्या मामले में फरार भाजपा नेता समेत छह आरोपियों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी किया गया। आरोपियों ने अगर शीघ्र नहीं किया समर्पण या नहीं हुए गिरफ्तार तो 82, 83 की कार्रवाई होगी।
कानपुर, अमृत विचार। चकेरी थानाक्षेत्र में किसान बाबू सिंह यादव की करोड़ों की जमीन धोखाधड़ी से हड़पने पर मुख्यमंत्री के नाम सुसाइड करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को कोर्ट ने फरार आरोपी भाजपा नेता डॉ प्रियरंजन अंशु दिवाकर, बब्लू यादव, राहुल जैन, मधुर पांडेय, शिवम सिंह चौहान, जितेंद्र यादव के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी कर दिया है। उन्होंने बताया कि आरोपी ने अगर जल्द समर्पण नहीं किया या फिर गिरफ्तारी नहीं हुई तो उनके खिलाफ 82, 83 की कार्रवाई की जाएगी।
जेसीपी ने बताया कि किसान बाबू सिंह की साढ़े छह करोड़ की जमीन का 25 लाख रुपये में एग्रीमेंट हुआ था। बताया कि भाजपा नेता डॉ प्रियरंजन अंशु दिवाकर की पत्नी के भाई राजन, ड्राइवर बब्लू तथा उनके अधिवक्ता अशोक गुप्ता के नाम एग्रीमेंट हुआ था। बताया कि राहुल जैन को सीधा जमीन बेची गई, जिसके एग्रीमेंट के गवाह बब्लू और राजन बने थे।
जेसीपी के अनुसार जांच में पता चला है, कि राहुल जैन, डॉ प्रियरंजन अंशु दिवाकर, बब्लू, राजन की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें जिलों और शहरों में दबिशें दी रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में बैंक से सारे विवरण लिए गए हैं। साथ ही रजिस्ट्री ऑफिस से कागजों की जांच कराई गई है।
एंटीसिपेटरी बेल लेने में आएगी दिक्कत
एनबीडब्ल्यू लेने के पीछे कारण को लेकर एसीपी ने बताया कि आरोपी यदि एंटीसिपेटरी बेल लेने का प्रयास करेंगे तो उसमें खासी दिक्कत आएगी। दूसरा अगर किन्हीं कारणों से वह नहीं मिलते हैं तो फिर अगले एक माह में पुलिस 82 और 83 (कुर्की) की कार्रवाई अमल में लाएगी।
पुलिस कर रह परेशान, बिना जांच कर लिखी रिपोर्ट
भाजपा नेता डॉ प्रियरंजन अंशु दिवाकर ने एक वीडियो सोशल मीडिया में जारी करते हुए कहा कि मीडिया ने उन्हें किसान बाबू सिंह की आत्महत्या का दोषी मान लिया है। उनकी पत्नी, बेटे, बेटी और भाभी को श्यामनगर चौकी में बैठा लिया गया है।
इस मामले में पुलिस ने बाबू सिंह के सुसाइड के बाद उनके व और लोगों के ऊपर संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर लिया। मामले में किसी प्रकार की कोई जांच नहीं की गई कि वह हत्या है, या आत्महत्या। पुलिस के परेशान करने से उनकी पत्नी ने डयूटी पर जाना बंद कर दिया है।
