Ganesh Chaturthi 2023: गजानन के स्वागत के लिए तैयारियां शुरू, सजने लगे पंडाल, महाराष्ट्र की तर्ज पर होगा पूजन
कानपुर में गजानन के स्वागत के लिए तैयारियां शुरू।
कानपुर में गजानन के स्वागत के लिए तैयारियां शुरू। महोत्सव सार्वजनिक पंडालों में विभिन्न झांकियां सजेंगी। 18 को गणेश मंदिर घंटाघर में विशेष आरती होगी।
कानपुर, अमृत विचार। विघ्नहर्ता गणपति 19 सितंबर से पंडालों में विराजेंगे। सार्वजनिक पूजन पंडालों में गणपति के स्वागत के लिए तैयारियां अंतिम दौर में है। सार्वजनिक पूजा पंडालों में विभिन्न झांकियां और रंगारंग सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी तैयारी कर ली गई है। गणेश मंदिर घंटाघर में 18 से ही कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। यहां पर पहले दिन महाराष्ट्र की तर्ज पर गजानन का पूजन होगा।
शहर में इस बार कई पंडालों में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को रोजाना सांस्कृतिक कार्यक्रम भी देखने को मिलेंगे। पदाधिकारियों ने बताया कि इन आयोजनों में इस बार राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकी देखने को मिलेगी। इसी तरह लाठी मोहाल भी युवाओं की ओर से इस बार पंडाल में ‘गोविंदा आला रे’ होगा। महोत्सव के दौरान राधाअष्टमी का पर्व भी मनाया जाएगा।
बाजार में मिल रही 11 फिट की प्रतिमा
गणपति के स्वागत के लिए शहर में प्रतिमाओं का बाजार भी सज गया है। जीटी रोड, निराला नगर सहित अन्य स्थानों पर प्रतिमाओं को खरीदने के लिए लोग उत्साह के साथ आ रहे हैं। यहां पर तीन फिट से लेकर 11 फिट तक की प्रतिमाएं की सर्वाधिक खरीदारी हो रही है। उधर सार्वजनिक बड़े पंडाल के पदाधिकारी अपने यहां स्थापित करने के लिए पंडाल में ही प्रतिमा का निर्माण करा रहे हैं। बाजार में प्रतिमाओं का मूल्य 11 सौ रुपये से लेकर 11 हजार रुपये तक है। इसके अलावा प्रतिमाओं में अतिरिक्त कार्य कराने पर मूल्य अधिक भी हो रहा है।
गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने जानकारी दी कि हिंदू पंचांग के अनुसार श्री गणेश जी की प्रतिमा को स्थापित करने का शुभ मुहूर्त इस बार 19 सितंबर को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से लेकर दोपहर 1:16 बजे तक रहेगा। इस मुहूर्त में प्रतिमा स्थापित करना शुभ फलदायक होगा।
सबसे पहले यहां स्थापित होगी प्रतिमा
लाठी मोहल स्थित गणपति पंडाल और गणेश मंदिर घंटाघर में शहर में सबसे पहले प्रतिमा स्थापित होगी। आयोजकों ने बताया कि उनके यहां पर 18 को पारम्परिक पूजन कर प्रतिमा की स्थापना करा दी जाएगी।
यह है पूजन विधि
गणपति का पूजन विधानपूर्वक करना चाहिए।
यदि घर पर प्रतिमा स्थापित कर रहे हैं तो गणेश चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी स्नान करें, साफ कपड़े पहनकर घर के
मंदिर को साफ करना चाहिए।
गणपति के आगमन के लिए घर को फूल आदि से सजाना चाहिए। घर या कमरें के ईशान कोण में लकड़ी की चौकी
को स्थापित करना चाहिए।
प्रतिमा स्थापित करने के लिए चौकी पर लाल या पीले रंग का वस्त्र बिछाना चाहिए। पांचवें, सातवें या अनंत चतुर्दशी के दिन उनका विसर्जन करना चाहिए।
प्रतिमा स्थापना का मुहूर्त
19 सितंबर को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से लेकर दोपहर 1:16 बजे तक
