Kanpur News: मेगा लेदर क्लस्टर के लिए भूमि अदला-बदली का प्रस्ताव मंजूर, 30 तक प्रशासन को सौंपेंगे अभिलेख
कानपुर में मेगा लेदर क्लस्टर के लिए भूमि अदला-बदली का प्रस्ताव मंजूर।
कानपुर में मेगा लेदर क्लस्टर के लिए भूमि अदला-बदली का प्रस्ताव मंजूर। सपई गांव में उद्यमी भूखंडों की रजिस्ट्री करा रहे। 30 तक प्रशासन को अभिलेख सौंपेंगे।
कानपुर, अमृत विचार। रमईपुर गांव में प्रस्तावित मेगा लेदर क्लस्टर की स्थापना की सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई है। जिलाधिकारी ने सपई समेत दो गांवों की भूमि से सेन गांव की ग्राम समाज की भूमि की अदला-बदली के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके बाद मेगा लेदर क्लस्टर डेवलपमेंट यूपी लिमिटेड ने 35 हेक्टेयर में से पांच हेक्टेयर भूमि का बैनामा भी करा लिया है।
30 सितंबर तक कंपनी सारे अभिलेख राजस्व विभाग को सौंप देगी। इसके बाद ग्राम समाज की उतनी ही भूमि प्रशासन कंपनी के नाम करेगा। प्रयास हो रहे है कि नवंबर माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखें।
मेगा लेदर क्लस्टर बनने से चमड़ा कारोबार को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। रमईपुर में 102.258 हेक्टेयर भूमि पर इसकी स्थापना स्पेशल परपज व्हीकल के तहत गठित कंपनी मेगा लेदर क्लस्टर डेवलपमेंट यूपी लिमिटेड को करनी है। प्रशासन ने रमईपुर के पास सेन पूरब पारा गांव में ग्राम समाज की 42.02 हेक्टेयर भूमि पुनर्ग्रहीत कर सात साल पहले आवंटित की थी।
कंपनी ने 22 हेक्टेयर भूमि का किसानों से बैनामा कराया था, लेकिन 35.238 हेक्टेयर ग्राम समाज की सुरक्षित श्रेणी की भूमि नहीं मिल पाने से प्रोजेक्ट फंस गया था। अब यह भूमि उद्यमियों को मिल जाएगी। क्योंकि जिस मालियत की ग्राम समाज की भूमि है उतनी ही मालियत की भूमि सपई और मनोह गांव में कंपनी प्रशासन को बैनामा कराकर दे देगी। इसके बाद यहां क्लस्टर की स्थापना का काम शुरू हो जाएगा।
इसलिए फंस गया था प्रोजेक्ट
सुरक्षित श्रेणी की भूमि का उपयोग यदि किसी कार्य के लिए करना होता है, तो उसके बदले उतनी ही मालियत या क्षेत्रफल की भूमि को राजस्व विभाग सुरक्षित करता है। जिस भूमि से ग्राम समाज की भूमि बदली जाएगी वह उसी तहसील क्षेत्र में होनी चाहिए। रमईपुर सदर तहसील क्षेत्र में है जबकि उद्यमियों को नियम की जानकारी न होने से उन्होंने नर्वल तहसील के साढ़ गांव में भूमि खरीद ली थी। इस वजह से अदला-बदली की प्रक्रिया फंस गई थी। अब सपई और मनोह गांव में उद्यमी भूमि दे रहे हैं, जो कि सदर तहसील के गांव हैं। इसलिए डीएम को भी भूमि एक्सचेंज के प्रस्ताव को मंजूरी देने में कोई समस्या नहीं आई।
टेनरी बंदी व प्रदूषण समस्या का समाधान
मेगा लेदर क्लस्टर से दो लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलना संभावित है। क्लस्टर में जूते, सैडलरी के अलावा अन्य चमड़ा उत्पादों की फ्लैटेड इकाइयों और टेनरियों की स्थापना होगी। यहां 200 प्लाट और 100 फ्लैटेड फैक्ट्रियां होंगी। क्लस्टर बनने से प्रदूषण और टेनरियों की बंदी की समस्या का समाधान होगा।
जिलाधिकारी से एक्सेंज का प्रस्ताव मंजूर होते ही भूमि का बैनामा कराया जा रहा है। पांच हेक्टेयर भूमि का बैनामा अब तक कराया जा चुका है।– अशरफ रिजवान, निदेशक मेगा लेदर क्लस्टर डेवलमेंट यूपी लिमिटेड।
