बरेली: स्मार्ट सिटी के वार्ड में नालों पर अतिक्रमण, मोहल्ले में भरता है पानी

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Edited By Amrit Vichar
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बाहरी सड़कें तो बनी मगर अंदरूनी सड़कें अधूरी, गंदगी से लोग परेशान

बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी के वार्ड 64 सिकलापुर में नालों पर अतिक्रमण के चलते लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है। कुछ दिन पहले हुई बारिश से जलभराव से घरों में काफी नुकसान हुआ था। वार्ड में मुख्य मार्ग तो कई जगह बने हैं लेकिन अंदर की सड़कें अधूरी हैं। इन सड़कों को बनने के प्रस्ताव कई बार पास हो चुके हैं, लेकिन अब तक सड़कें नहीं बन पाई हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए भवन स्वामियों को नगर निगम की ओर से कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं, मगर स्थिति जस की तस है।

लकड़ी के फर्नीचर के लिए प्रसिद्ध इस वार्ड में फर्नीचर के बड़े शो रूम हैं। मुख्य मार्ग पर ही कारीगर सामान बनाते दिखते हैं। अंदरूनी गलियों में कारीगर, पल्लेदारी, मजदूरी पेशे से जुड़े लोगों के मकान ज्यादा हैं। कई जगह अंदरूनी सड़कें अधूरी हैं। यहां लोगों का कहना है कि कुछ सड़कें दो बार बनी, लेकिन उसकी पटरी एक बार भी नहीं बनी। इससे सड़क ऊंची हो गई। इससे लोगों को आवाजाही में दिक्कत होती है।

वार्ड में नालों पर अतिक्रमण है। इस वजह से सफाई नहीं हो पा रही है। नालियों में जहां तहां पानी भरा है। मच्छर पनप रहे हैं । दिनेश नर्सिंग होम के पीछे गली के लोगों ने बताया कि अधूरी सड़क और नाली पर अतिक्रमण से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। आजाद मंदिर वाली रोड की सड़क बनी नहीं है। डिप जाम हैं।

पुराना बस स्टैंड की गली की नालियों में गंदगी बह रही है। रजा चौक, अहाता वाली मस्जिद की तरफ भी नाली और सड़क की स्थिति ठीक नहीं। वार्ड में कोई पार्क नहीं है। बाबा सुंदर दास मंदिर वाला मार्ग अतिक्रमण की चपेट में है। मौर्य बस्ती, जगन्नाथ मंदिर, कश्यप मंदिर के पास के लोगों ने गंदे पानी आने की बात कही। तंग गलियों में नालियों में बहाव भी ठहरा हुआ है। कई जगह नाला गायब है। लोगों ने बताया कि शो रूम के अंदर से नाला जा रहा है।

दिनेश नर्सिंग होम के पीछे गली में घरों में पानी भर जाता है। बरसात में लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है---पप्पू।

सफाई न होने से नालियां चोक हैं। 20 मिनट की बरसात में पानी घरों में भर जाता है और तब इतनी बदबू आती है कि लोग परेशान हो जाते हैं---124 विकास यादव।

नर्सिंग होम के पीछे कई साल से सड़क अधूरी पड़ी है। जनप्रतिनिधि कहते हैं कि सड़क पास हो गई है, लेकिन कब बनेगी, यह कोई नहीं बताता---123 रामकुमार।

ताड़ीखाना में भी बरसात में घरों में पानी भर जाता है। घरों से निकलना मुश्किल होता है। पाइप लाइन से जब पानी आता है तो वह लीक करता है। इससे सड़क पर हर रोज पानी भरता है---127 सागर ।

खाना में पानी भरता है तो सराय तक जाता है। कहीं से भी निकलने का साधन नहीं रहता है। हालांकि, झाड़ू लगती है और कूड़ा भी रोज उठता है---131- लक्ष्मी ।

पिछले दिनों घर में पानी भरने से नुकसान हुआ। अब कमरे की फर्श फिर से बनवाई है और देहरी को भी ऊंचा कराया है--- नीलम।

ताड़ीखाना में पतली गलियां हैं। यहां जलनिकासी की सुविधा नहीं है। पानी आता है मगर लीकेज की समस्या बनी हुई है---मिथिलेश।

नालियों की सफाई हो जाए तो नर्सिंग होम के पीछे लोगों को परेशानी काफी कम हो जाएगी। अतिक्रमण के चलते भी लोग परेशान हैं---ओम प्रकाश।

नाले जाम हैं। सफाई के लिए तीन बार टेंडर निकाले गए लेकिन कोई ठेकेदार काम करने को सामने नहीं आया। किसी नाले पर कोई अतिक्रमण नहीं है। जो नोटिस चस्पा किए गए हैं, वह भी फर्जी हैं---विनोद सैनी, पूर्व पार्षद।

नाले पर रसूखदारों के अतिक्रमण को हटाने का नोटिस देकर नगर निगम उन्हें हटाना भूल गया है। बरसात में इसीलिए घरों में पानी भरता है। जनता को जलभराव से निजात दिलाने को जनहित याचिका करेंगे---जयप्रकाश, पार्षद।

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