ऑक्सीजन की कमी

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Edited By Amrit Vichar
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कोरोना महामारी के बीच संक्रमण के लगातार मामले बढ़ रहे हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए ऑक्सीजन जीवन रक्षा के रूप में काम कर रही हैं, मगर पिछले कुछ समय से देश में मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कमी के मामले आ रहे हैं जिससे मरीजों की जान जा रही है। कोरोना संक्रमण के ज्यादातर …

कोरोना महामारी के बीच संक्रमण के लगातार मामले बढ़ रहे हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए ऑक्सीजन जीवन रक्षा के रूप में काम कर रही हैं, मगर पिछले कुछ समय से देश में मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कमी के मामले आ रहे हैं जिससे मरीजों की जान जा रही है। कोरोना संक्रमण के ज्यादातर मामलों में मरीजों को सांस लेने में तकलीफ की शिकायतें आ रही हैं जिसके बाद उन्हें ऑक्सीजन लगाई जा रही है।

कई राज्यों से ऑक्सीजन न मिलने के चलते मरीजों के मौत की खबरें आ रही हैं जो कि चिंताजनक है। ऐसा नहीं है कि देश में ऑक्सीजन उत्पादन पर्याप्त रूप से न हो रहा हो, मगर उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा अब भी उद्योगों में इस्तेमाल हो रहा है। एक अनुमान के मुताबिक 64 सौ मीट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन में से 54 सौ मीट्रिक टन ऑक्सीजन उद्योगों में इस्तेमाल हो रही है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह कुल ऑक्सीजन उत्पादन का ज्यादा से ज्यादा हिस्सा चिकित्सालयों को उपलब्ध कराए।

ऑक्सीजन की कमी की वजह से अगर किसी मरीज की जान जाती है तो यह व्यव्सथा के लिए बहुत अफसोसजनक स्थिति होगी वह भी तब जबकि ऑक्सीजन का पर्याप्त उत्पादन किया जा रहा है। सरकारों को समझना होगा कि उद्योगों से पहले मरीजों की जान बचाया जाना जरूरी है। कोरोना संक्रमण काल में ऑक्सीजन की कालाबाजारी के मामले भी सामने आए हैं जो कि बहुत गंभीर विषय है।

दरअसल कई स्थानों पर ऑक्सीजन सप्लाई न होने के कारणों के पीछे ऑक्सीजन सप्लाई के बिलों का समय पर भुगतान न होना सामने आया है। ऐसे में राज्य सरकारों को चाहिए कि वह कम से कम इस बात का ध्यान रखे कि मरीज के लिए संजीवनी का काम करने वाली ऑक्सीजन को लेकर ऐसी स्थिति पैदा न होने दे।

ऑक्सीजन की कालाबाजारी को लेकर भी सख्त रुख अपनाए जाने की जरूरत है। ऑक्सीजन उत्पादन करने वाली कंपनियों को भी सरकार की तरफ से मदद मिलनी चाहिए ताकि उत्पादन में कोई दिक्कत न हो। चिकित्सालयों की मदद के लिए सरकार को आवश्यक कदम होंगे ताकि वहां मौजूद ऑक्सीजन सिलिंडर हर वक्त मरीजों की जान बचाने को मौजूद रहें।

केंद्र सरकार के स्तर पर ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर अब जरूर कदम उठाए जा रहे हैं, मगर आवश्यकता इस बात की है कि वह ऐसा तंत्र बनाए जिससे बिना किसी दिक्कत के ऑक्सीजन सिलेंडर उत्पादन स्थल से अस्पतालों तक पहुंचे। इसमें राज्यों के बीच समन्वय की भी जरूरत है ताकि किसी प्रकार की समस्या न आए। कोविड महामारी के इस दौर में लोगों की जान बचाना सर्वोच्च कदम है, उद्योगों के लिए ऑक्सीजन हो न हो, मगर किसी मरीज की जान बचाने के लिए ऑक्सीजन की कमी न होने देना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।