Kanpur News: दवा व्यापारी को मरणासन्न करने का मामला, BJP नेता समेत आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित
कानपुर में बीजेपी नेता समेत अन्य आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित हुआ।
कानपुर में दवा व्यापारी को मरणासन्न करने का मामला। बीजेपी नेता समेत अन्य आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित हुआ।
कानपुर, अमृत विचार। रायपुरवा थानाक्षेत्र में ओवरटेक करने के बाद हुए विवाद में दवा कारोबारी अमोल दीप सिंह भाटिया को पीट पीट कर मरणासन्न करने के विरोध में सिख समाज और दवा व्यापारी सड़क पर उतर पड़े हैं। पुलिसिया कार्रवाई में खेल और आरोपियों की गिरफ्तारी न किए जाने के विरोध में सैकड़ों दवा व्यापारी और सिख समुदाय के लोग सरसैया घाट चौराहे से जुलूस निकालकर पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंचे और कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई कि गंभीर मामले में पुलिस ने हल्की धाराओं में एफआईआर दर्ज की, आरोपियों पर गंभीर धाराएं लगाई जाएं और उनकी गिरफ्तारी की जाए। वहीं, आरोपी भाजपा नेता अंकित शुक्ला की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस ने अंकित शुक्ला सहित सभी आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया।
23 सितंबर की रात परफेक्ट मेडिकल स्टोर व सर्जिकल के मालिक दवा कारोबारी सरदार अमोल दीप सिंह भाटिया रायपुरवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिटी क्लब होटल के पास से होते हुए अफीम कोठी की ओर जा रहे थे। वार्ड 95 से भाजपा पार्षद सौम्या शुक्ला के पति अंकित शुक्ला से उनकी कार ओवरटेकिंग को लेकर विवाद हुआ।
पार्षद पति और अन्य लोगों ने अमोल दीप को गाड़ी से खींचकर जबरदस्त पिटाई कर दी। जिसमें उनकी एक आंख चली गई। वहीं दूसरी आंख भी 60 प्रतिशत डैमेज है। परिजनों ने उन्हें सर गंगाराम अस्पताल दिल्ली में भर्ती कराया है। उनके परिजनों ने नामजद तहरीर थाने में दी। लेकिन पुलिस ने सत्ताधारियों के दबाव के चलते मामूली धाराओं में एफआईआर दर्ज कर खानापूर्ति कर ली और एफआईआर नामजद नहीं लिखी।
इससे लोगों में आक्रोश है। मंगलवार को सिविल लाइन स्थित पुलिस कमिश्नर ऑफिस पर सैकड़ों सिख समुदाय और दवा व्यापारी ज्ञापन देने के लिए पहुंचे। दवा व्यापारी हाथों में तख्तियां लिए हुए अमोल दीप को न्याय देने की मांग कर रहे थे। दवा व्यापारियों और सिख समुदाय के लोगों ने पुलिस कमिश्नर डॉ आर के स्वर्णकार से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा।
पुलिसिया कार्रवाई से नाराज होकर धरना
श्री गुरु सिंह सभा रतनलाल नगर के तत्वावधान में सिख समाज के लोगों ने बर्रा के शास्त्री चौक पर धरना देकर जमकर नारेबाजी की। प्रधान सरदार रविंदर सिंह अरोरा की अध्यक्षता में धरने में लोगों ने प्रशासन से मांग की कि आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए। धरना प्रदर्शन में हरजीत सिंह लकी, सुखविन्दर सिंह लाडी, हरविन्दर सिंह लाई, त्रिलोक सिंह, योगेश सचदेवा बहन सविन्दर कौर शामिल हुए।
प्रकाश पाल से मिला प्रतिनिधमंडल
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा कानपुर बुंदेलखंड के क्षेत्रीय अध्यक्ष सरदार अजीत सिंह छाबड़ा, दक्षिण के मंत्री जसविंदर सिंह, उपाध्यक्ष सरदार रमिंदर सिंह रिंकू के नेतृत्व में सिखों का प्रतिनिधि मंडल भाजपा कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र के भाजपा अध्यक्ष प्रकाश पाल से मिला। लोगों ने कहा कि पुलिस अपराधियों को बचाने का काम कर रही है। पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज कर ली मगर आरोपियों के भागने का इंतजार कर रही है। जिस तरह से आरोपी खुद कमिश्नर से मिलने गए उससे पुलिस पर विश्वास नही रहा। आरोपी भाजपा की छवि खराब कर रहे हैं।
पति-पत्नी पांच लोगों को पीट सकते हैं क्या?
सिखों ने संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी को फोन करके बताया कि जब दवा कारोबारी पति-पत्नी अकेले थार में सफर कर रहे थे और दूसरी तरफ से पार्षद पति अंकित शुक्ला अपने पांच साथियों के साथ था तो क्या यह संभव है कि पति-पत्नी ने पांच साथियों को मारा होगा। कहा कि कारोबारी अमोल दीप सिंह से बर्बर तरीके से मारपीट की गई फिर भी पुलिस शांत बैठी है।
अब तक पुलिस का किरदार बहुत खराब रहा है। इस दौरान अल्पसंख्यक आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार इकबाल सिंह लालपुरा को भी मामले से अवगत कराया गया। उनसे चीफ सेक्रेटरी से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की। इस मौके पर इंद्रजीत सिंह खालसा, प्रदीप भाटिया, हरपाल सिंह चावला, हरमिंदर सिंह शामिल थे।
परिवार को सुरक्षा दी जाए
दवा व्यापारी संघ के पदाधिकारी प्रवीण बाजपेई ने बताया कि दवा व्यापारी के साथ इस तरह की घटना होने के बाद से व्यापारी समाज डरा हुआ है। अमोलदीप का परिवार भी भयभीत है, इसलिए उसे सुरक्षा दी जाए। इसके साथ ही एफआईआर में धाराओं को बढ़ाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
कमिश्नर से मिली यूपी सिख एसोसिएशन
यूपी सिख एसोसिएशन भी पीड़ित अमोलदीप भाटिया के समर्थन में आगे आई। उन्होंने पुलिस कमिश्नर को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि आरोपियों द्वारा गम्भीर व प्राण घातक हमला करने के कारण उनकी हालत अभी भी गंगाराम अस्पताल में गंभीर बनी हुई है। कहा कि आरोपी सत्ताधारी पार्टी के पदाधिकारी व पार्षद पति है। जिस कारण पुलिस ने राजनीतिक दबाव के कारण उक्त घटना की एफआईआर हल्की धारा में लिखी। चोटों के हिसाब से गंभीर धाराएं बढ़ानी जानी चाहिए और आरोपियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए।
फजीहत के बाद धाराएं बढ़ाईं, गिरफ्तारी नहीं
दवा कारोबारी अमोल दीप सिंह भाटिया की बर्बरत से पिटाई के मामले में फजीहत होने के बाद घटना के तीन दिन बाद पुलिस ने आरोपियों पर तीन धाराएं बढ़ाई हैं। बलवा और अंग भंग करने की धारा भी लगाई है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की हैं जबकि सोमवार को आरोपी पुलिस कमिश्नर के सामने बैठे थे। पुलिस ने घायल कारोबारी की मेडिकल रिपोर्ट हासिल कर ली है, जिसमें गंभीर चोट लगने की पुष्टि हुई है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि घटना के दूसरे दिन पुलिस की दो टीमों को गंगाराम अस्पताल भेजा गया था। उन्हें अस्पताल की मेडिकोलीगल रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। जिसमें आंखों में गंभीर चोट होना पाया गया है। पुलिस ने अस्पताल के डॉक्टरों और तीमारदारों के बयान दर्ज किए हैं। साथ ही चोटों को देखते हुए इस मामले में धारा 326 (सजा आजीवन कारावास), 148, 149 बढ़ाई हैं। अब एफआईआर में कुल 324, 326, 354, 147, 148,149,504,506 हो गईं है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पांच टीमें गठित की गई हैं।
ठिकानों पर छापेमारी शुरू
जेसीपी के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उनके घर पर छापेमारी की लेकिन कोई नहीं मिला। बताया कि आरोपियों के सभी संभावित ठिकानों पर छापा डाला जा रहा है। पुलिस ने अग्रिम जमानत न होने देने की तैयारी भी कर ली है। सेशन कोर्ट तथा उच्च न्यायालय में भी जमानत न होने देने के लिए पुलिस पूरा प्रयास कर रही है।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज मांगे
जेसीपी ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज करने में क्यों इतनी देरी की गई, इसको लेकर रायपुरवा थाने में लगे सभी सीसीटीवी और घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी साउंड के साथ देखे जा रहे हैं। अगर इस मामले में कहीं भी लापरवाही बरती गई है तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज देखकर जांच की जा रही है। थाने से लेकर सड़क तक के फुटेज देखे जा रहे हैं। दोषियों पर जरूर कार्रवाई की जाएगी।- आनंद प्रकाश तिवारी, संयुक्त पुलिस आयुक्त
