कानपुर में पहली बार तैयार होंगी सौ यूरो- 6 रोडवेज बसें, पहले चरण में आईं सौ बसों की चेचिस, पढ़ें- पूरी खबर
कानपुर में पहली बार तैयार होंगी सौ यूरो- 6 रोडवेज बसें।
कानपुर में पहली बार तैयार सौ यूरो- 6 रोडवेज बसें होंगी। यूरो- 4 के बाद पहली बार रोडवेज वर्कशॉप में यूरो- 6 बसों का निर्माण हो रहा।
कानपुर, [राजीव त्रिवेदी] शहर की रोडवेज कार्यशाला में पहली बार यूरो- 6 बसें तैयार की जाएंगी। रोडवेज वर्कशॉप को 650 यूरो- 6 बसों का आर्डर मिला है, जिसके तहत पहले चरण में 100 बसें तैयार की जाएंगी। इसके लिए 100 बसों की चेचिस वर्कशॉप में आ गई हैं। अभी तक शहर की दोनों ही कार्यशालाओं में यूरो- 4 बसों का निर्माण होता था।
रोडवेज कार्यशाला में यूरो- 6 बसों के निर्माण का काम शुरू हो गया है। इन यूरो-6 बसों में ड्राइवर सहित 54 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। इन बसों में डिग्गी की क्षमता पहले के मुकाबले थोड़ी अधिक होगी। रोडवेज के अधिकारियों के मुताबिक यह पहला मौका है, जब शहर की दोनों ही कार्यशालाओं को यूरो -6 बसों के निर्माण का आर्डर मिला है।
यूरो-6 बसों की खासियत यह है कि ये बसें धुएं के रूप में निकलने वाले प्रदूषण को रोकने में मददगार हैं। यह धुएं के बेहद बारीक कणों को भी फिल्टर कर देती हैं।
यूरो- 6 बसों के इंजन के पास बना यूरिया सेल बारीक से बारीक प्रदूषण के कणों को भी रोक लेता है। इसके अलावा इन बसों में ईंधन की खपत भी बहुत कम होती है। इन बसों का निर्माण रावतपुर और विकास नगर रोडवेज वर्कशॉप में एक साथ शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि इन बसों को जल्द ही तैयार कर रोडवेज को मुहैया करा दिया जाएगा।
बसों के निर्माण को लेकर केन्द्रीय कार्यालय के प्रधान प्रबंधक राजीव आनंद ने बताया कि हाल ही में हमारे पास 100 बसों की चेचिस आ गई हैं। बसों का निर्माण भी शुरू हो गया है। जल्द ही यह बसें बनकर तैयार हो जाएंगी। इसके बाद बसों को रोडवेज को सौंप दिया जाएगा।
सॉफ्टवेयर से कनेक्ट होगा पैनिक बटन
यूरो-6 बसों में पैनिक बटन होगा, जो सॉफ्टवेयर से कनेक्ट होगा। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक इस तरह के पैनिक बटन के लिए प्रदेश के कई जगहों पर प्रयोग चल रहे हैं। यह बटन नई बसों में सामान्य रूप से काम करेगा। इस बटन की खासियत होगी कि खतरा होने पर इसे दबाते ही पास खड़े पुलिस वाहन पर सीधे मैसेज पहुंच जाएगा।
यात्रियों के लिए काफी आरामदायक होंगी सीटें
यूरो-6 बसों में सामान्य यात्री बसों के मुकाबले काफी आरामदायक सीटें बनाई जा रही हैं। इसके लिए सीटों में मोटे फोम का उपयोग हो रहा है। बेहतर सीट होने के साथ ही इनमें इस तरह की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे वह जल्द खराब न हो सकें और अधिक समय तक बरकरार रहें।
