सीतापुर में बोले सीएम योगी- अयोध्या की तर्ज पर नैमिषारण्य का विकास करना हमारी सरकार की प्राथमिकता
सीतापुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि अयोध्या की तर्ज पर नैमिषारण्य का विकास सरकार की प्राथमिकता है और नैमिष तीर्थ के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं है। नैमिषारण्य के एक दिवसीय दौरे पर आए आदित्यनाथ ने भी अपनी यात्रा के दौरान दर्शन किए, पूजा की और अनुष्ठान के अनुसार हवन किया। मुख्यमंत्री ने कहा, ''आज पूरा देश नैमिषारण्य आना चाहता है। अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ेगी इसलिए हमें अनुकूल माहौल बनाना होगा, जो स्वच्छता रखने से ही संभव है। इसके साथ ही हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि यहां आने वाले आगंतुकों और पर्यटकों के साथ अच्छा व्यवहार हो।"
'राष्ट्रपिता' महात्मा गांधी जी की जयंती के एक दिन पूर्व सीतापुर स्थित नैमिषारण्य धाम में आज #SwachhataHiSeva के अंतर्गत 'श्रमदान' कर पूज्य बापू को स्वच्छांजलि अर्पित की।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 1, 2023
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने 'स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत' के संकल्प की सिद्धि के लिए स्वच्छता को… pic.twitter.com/3ZPjurA7o5
इसके बाद मुख्यमंत्री प्राचीन भूतेश्वरनाथ मंदिर और मां ललिता देवी मंदिर भी गये। साथ ही मुख्यमंत्री ने देश भर से आए नैमिष तीर्थ के विभिन्न मठों और मंदिरों के संतों, महंतों और पुजारियों के साथ चक्रतीर्थ पर स्वच्छता श्रमदान किया। मुख्यमंत्री और अन्य साधु-संतों ने झाड़ू लगाते समय मास्क पहनकर व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता का संदेश भी दिया। इससे पहले, संतों के साथ बातचीत के दौरान आदित्यनाथ ने उनसे स्वच्छता बनाए रखने और मतों तथा मंदिरों को पूरी तरह प्लास्टिक से मुक्त करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने संतों और पुजारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा, "स्वच्छता को एक दिवसीय कार्यक्रम बनाने के बजाय इसे एक जन आंदोलन बनाना हमारी जिम्मेदारी है। स्वच्छता जीवन की पहली आवश्यकता है। हमें विशेष रूप से तीर्थ स्थानों, मठों, मंदिरों और हर उस स्थान पर स्वच्छता को लेकर संवेदनशील बना होगा जहां लोग जाते हैं।"
इस अवसर पर आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि सरकार नैमिषारण्य के वैदिक और पौराणिक गौरव को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पिछली सरकारों पर नैमिषारण्य की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले इस स्थान की उपेक्षा की गई थी और राज्य की राजधानी लखनऊ के निकट स्थित होने के बावजूद इसे विकास से वंचित रखा गया था।
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार द्वारा नैमिषारण्य के विकास के लिए किया जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा, "आज यहां इलेक्ट्रिक बस सेवा और हेलीकॉप्टर सेवा के साथ-साथ सड़कों को चौड़ा करने पर भी तेजी से काम चल रहा है। हालांकि, यहां अब तक जो विकास हुआ है, वह बड़ी तस्वीर की एक छोटी सी झलक मात्र है। बहुत कुछ यहां अभी भी काफी काम किया जाना बाकी है।"
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