बरेली: कायाकल्प अभियान 90 प्रतिशत पूरा पर स्कूलों में सुविधाएं नहीं

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। कायाकल्प अभियान के तहत स्कूलों की तस्वीर बदलने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन स्कूलों की दशा नहीं सुधर रही है। अधिकारी 90 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा कर रहे हैं लेकिन स्कूलों में चारदीवारी, फर्श, पानी की टंकी आदि सुविधाएं न होने से छात्र परेशान हैं। कायाकल्प अभियान के तहत स्कूलों में मरम्मत और निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इसके लिए 19 बिंदु निर्धारित किए गए हैं।

कोहाड़ापीर स्थित कंपोजिट स्कूल में बरामदे का लिंटर आए दिन टूट कर गिर रहा है। कई बार तो बच्चे भी चोटिल होने से बच गए। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक करीब 48 हजार रुपये की लागत से 18 बिंदुओं पर काम पूरा होना दिखाया गया है। इसी स्कूल में खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यालय भी है। इसके अलावा खड़ौआ, खलीलपुर, सिठौरा, सुभाषनगर, सूफीटोला, गांधी बेसिक, साहूकारा नवीन, संदल खां, बिहारीपुर, नेकपुर सहित कई स्कूलों में भी कई मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं।

शौचालय में सीट नहीं न पानी का टैंक
कई स्कूलों में शौचालय, पेयजल और बिजली तक की सुविधाएं नहीं हैं। एनई रेलवे स्थित प्राथमिक विद्यालय का भी यही हाल है। यहां बिजली की भी सुविधा नहीं है। यहां टाइलें भी उधड़ रही हैं।

बरसात में ढह गई चारदीवारी
मझगंवा ब्लॉक के हर्रे की गोटिया स्थित प्राथमिक स्कूल में भी कायाकल्प योजना के तहत चारदीवारी आधी अधूरी ही बनी थी जो बीते दिनों बरसात के सीजन में पूरी तरह ढह चुकी है। स्कूल में शौचालय का ढांचा कई महीने पहले ही बन कर तैयार हो गया लेकिन जिम्मेदार यहां उपयोग के लिए सीट लगवाना भूल गए। यहां पानी का टैंक भी नहीं लगा।

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