बरेली: गबन ही साबित नहीं कर पाए तो फिर कैसेमैं दोषी... कविता ने फिर अफसरों को घेरा
भोजीपुरा की बीएमएम पद से हटाई गई कविता ने फिर की पीएमओ और महिला आयोग से शिकायत
जुलाई में प्रकाशित खबर।
बरेली, अमृत विचार। भोजीपुरा ब्लॉक में आईसीआरपी के 22 लाख रुपये का मानदेय गलत खातों में भेजने के मामले में बीडीओ कमल श्रीवास्तव और ब्लॉक मिशन मैनेजर कविता गंगवार का टकराव नए मोड़ पर पहुंच गया है। बीडीओ ने इस मामले में गबन की एफआईआर दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस नहीं मान रही कि गबन हुआ है। उधर, कविता का आरोप है कि अफसरों ने अपनी रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता साबित किए बगैर बीडीओ को निर्दोष और उन्हें दोषी करार दे दिया है। बीडीओ के बयान के आधार पर बनी इस रिपोर्ट में उनकी ओर से दिए गए साक्ष्यों को भीशामिल नहीं किया गया है।
कविता पर आरोप है कि उन्होंने 22 लाख रुपये की सरकारी धनराशि गलत खातों में भेज दी थी। कुछ ही दिन बाद यह धनराशि वापस लेकर सही खातों में भेज दी गई मगर ब्लॉक में काफी दिनों बाद तब खलबली मची जब पूनम नाम की दूसरी बीएमएम पर बीडीओ के नाम पर महिला स्वयं सहायता समूह से कमीशन मांगने का ऑडियो वायरल हुआ। बीडीओ पर आरोप है कि उन्होंने पूनम के खिलाफ तो कोई कार्रवाई नहीं की, ध्यान बंटाने के लिए कविता के खिलाफ पुराने मामले में गबन और धोखाधड़ी की एफआईआर करा दी। इस पर कविता और बीडीओ के बीच ऐसी ठनी कि कविता के कमरे में पंखे का कनेक्शन कटवाकर सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया गया। कविता की ओर से इस प्रकरण में महिला आयोग और पीएमओ में शिकायत के साथ हाईकोर्ट में भी रिट दायर की गई है।
पीएमओ और महिला आयोग से जवाब मांगे जाने के बाद सीडीओ ने छह सितंबर को डीआरडीए के पीडी तेजवंत सिंह की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति गठित की थी, इसमें डीसी एनआरएलएम बलवंत सिंह, लेखाधिकारी राम आसरे गंगवार और सहायक निदेशक मत्स्य विभा लोहनी को सदस्य बनाया गया था। इस कमेटी के सामने 13 सितंबर को बीडीओ कमल श्रीवास्तव और बीएमएम कविता ने लिखित बयान दर्ज कराए। इसके बाद पांच अक्टूबर पीएमओ और महिला आयोग को रिपोर्ट भेज दी गई।
अब कविता ने दोबारा महिला आयोग और पीएमओ में शिकायत की है कि रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता सिद्ध किए बीडीओ को क्लीनचिट दे दी गई। बीडीओ को बचाने के लिए उन्हें दोषी करार दिया गया है। कविता का आरोप है कि एकतरफा रिपोर्ट बीडीओ के बयान के आधार पर तैयार की गई। उनके दिए साक्ष्यों को शामिल नहीं किया गया, क्योंकि उन्होंने बीडीओ और डीसी एनआरएलएम पर आरोप लगाए थे। पीडी तेजवंत सिंह ने बताया कि सीडीओ को प्रकरण की जांच रिपोर्ट भेज दी है।
आरोप : तलब किए जाने से बौखलाए हुए हैं अफसर
कविता के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन के मुकदमे में हाईकोर्ट स्टे दे चुका है। उनकी सेवाएं समाप्त करने के मामले में हाईकोर्ट, मानवाधिकार आयोग और महिला आयोग में बीडीओ समेत कई अफसरों की पेशी हो चुकी है। पीएमओ कार्यालय से भी लगातार पत्राचार हो रहा है। कविता का आरोप है कि इसी कारण अफसर बौखलाए हुए हैं। डीएम और एसएसपी को भी दो महीने पहले समन भेजकर तलब किया गया था।
खुद भी आरोपों के घेरे में
डीसी एनआरएलएम कविता के खिलाफ बनी जांच कमेटी के सदस्य हैं। खुद उनके कार्यकाल में सीएलएफ के मानदेय का पैसा गलत खातों में भेजने के साथ पीएम के डिजिटल मुहिम को बढ़ावा देने के लिए गांव में लगाए कैंपों में गोलमाल किए जाने की शिकायतें हो चुकी हैं। भुता ब्लॉक में मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी का भी उन पर चार्ज है। यहां भी मनरेगा कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृति न दिए जाने का आरोप लगा था।
अब तक की जांच में गबन की पुष्टि नहीं हुई है। अनियमितता जरूर हुई थी, साक्ष्य के लिए विभागीय जांच कमेटी में शामिल अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है। बैंक से भी खातों का ब्योरा मांगा गया है। इसके बाद इस मामले में विधिक राय ली जाएगी। - तेजपाल, विवेचक थाना भोजीपुरा
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