रायबरेली: NTPC में गहराया कोयला संकट, 500 मेगावाट की यूनिट बंद
परियोजना के पास केवल दो दिन के कोयले का है भंडारण
रायबरेली, अमृत विचार। अक्टूबर मास के शुरुआती दिनों में झारखंड में हुई जबर्दस्त बरसात के कारण कोयले की आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई है। इसका विद्युत उत्पादन पर असर पड़ा है। स्थित ये है कि कोयले की कमी के कारण एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना में 500 मेगावाट क्षमता की एक यूनिट को बंद कर दिया गया है।
अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह में झारखंड प्रांत में लगातार मूसलाधार बारिश हुई है। इस बरसात के कारण कोयला खदानों में कोयले का उत्पादन ठप हो गया था। यही नहीं कोयल का निर्यात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिसका असर विद्युत उत्पादन करने वाली परियोजनाओं पर पड़ा है। कोयले की कमी के कारण परियोजनाओं में विद्युत उत्पादन घट गया है।
एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना में कोयले की कमी के चलते 500 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 6 को बंद कर दिया गया है इस बीच विभिन्न प्रांतो द्वारा बिजली की मांग को बढ़ाया गया है किंतु कोयले की कमी से जूझ रही परियोजनाएं मांग के अनुरूप विद्युत उत्पादन नहीं कर पा रही है। हालांकि सूत्रों ने बताया कि कोयला खदानों में अब स्थिति सामान्य हो गई है और जल्द ही आने वाले दिनों में कोयले की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी।
ऊंचाहार आ रही है प्रतिदिन दो माल गाड़ियां
एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना में इस समय दो माल गाड़ियां प्रतिदिन कोयले की आपूर्ति लेकर आ रही हैं ।जबकि आम तौर पर छह माल गाड़ियां कोयले की आपूर्ति लेकर आती थी। कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण एनटीपीसी का कोयला भंडारण भी काम हो गया है।
इस समय ऊंचाहार परियोजना के पास 50 हजार मीट्रिक टन कोयला भंडारण में है, जो परियोजना में सभी यूनिटों के संचालित होने पर मात्र दो दिन के लिए बताया जा रहा है ।उधर प्रतिदिन करीब बीस हजार मीट्रिक टन कोयला आ रहा है। जबकि परियोजना में प्रतिदिन की खपत करीब 25 हजार मीट्रिक टन कोयले की है।
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