हल्द्वानी: शवों के इंतजार में विवाद, चीरघर में मातमी सन्नाटा
हल्द्वानी, अमृत विचार। चीरघर में हरियाणा के सात पर्यटकों के शव रखे थे। अपनों को खो चुके परिजन बेसब्र थे कि कब उन्हें अपनों के शव सौंपे जाएंगे। रो-रोकर थक चुकी आंखों के आंसू भी सूख गए थे और सब्र खोया तो चीरघर में हंगामा हो गया। चीरघर कर्मी और पुलिस-प्रशसान भली-भांति उनका दुख समझ रहा था और इसीलिए खुद मौन रहकर उन्हें शांत किया।
बता दें कि रविवार रात सैर खत्म कर घर वापस लौट रहे हरियाणा के पर्यटकों की बस नैनीताल के घटगढ़ में हादसे का शिकार हो गई। गहरी खाई में गिरी बस में सवार 26 लोग घायल हो गए और 7 लोगों की जान चली गई। जान गंवाने वालों में एक बच्चा, पांच महिलाएं और 2 पुरुष थे।
जिसमें भींडवान आर्यानगर सदर हिसार हरियाणा की ज्योति (22) पुत्री दिनेश कुमार, बस स्टैंड आर्यानगर सदर हिसार निवासी पुष्पा रानी (32) पत्नी विनोद, बादशाहपुर हिसार निवासी रामेश्वर (43) पुत्र दलवीर सिंह, हिसार निवासी संगीता (39) पत्नी आशीष, पटेलनगर सिविल लाइंस हिसार निवासी पूनम चावला पुत्री रामचन्दर चावला, मटर श्याम हिसार निवासी मनमीत (7) पुत्र रमन कुमार व पटेलनगर सिविल लाइंस हिसार निवासी रवींद्र कुमार (40) पुत्री सत्येंद्र सिंह थे।
सुबह साढ़े 10 बजे सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, एसडीएम पारितोष वर्मा की मौजूदगी में पोस्टमार्टम शुरू हुआ और साढ़े 12 बजे तक सभी सात शवों के पोस्टमार्टम कर दिए। हालांकि सुबह पोस्टमार्टम में देरी का आरोप लगाते हुए मृतकों के परिजनों ने हंगामा कर दिया था, जिन्हें समझाबुझा कर शांत कराया गया। प्रशासन ने शवों को ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की और परिजनों के साथ शवों को ले जाने के लिए हिसार से एक दरोगा और कांस्टेबल भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे।
खाई से आई आवाज, अभी जिंदा हूं मैं
हल्द्वानी : बस सड़क से करीब दो सौ मीटर गहरी खाई में गिरी और पेड़ से टकरा कर रुक गई, लेकिन चालक समेत तीन लोग ऐसे थे, जिन्हें पुलिस ने बस से और सौ मीटर दूर से बरामद किया। दरअसल, पुलिस ने रेस्क्यू खत्म कर जब लोगों की गिनती की तो पता लगा कि तीन लोग कम हैं। उनकी तलाश में पुलिस और सौ मीटर नीचे उतरी। पुलिस ने आवाज लगाई तो खाई से आवाज आई कि अभी मैं जिंदा हूं। पुलिस रस्सी की मदद से मौके पर पहुंची तो पाया कि वह दो लोग जिंदा है। जबकि एक मर चुका था, जो बस का चालक था।
इनसेट अंधेरे में गुम हुआ मौत का मोड़
हल्द्वानी : हादस किन परिस्थितियों में इस पर अभी सिर्फ कयास लगाए जा रहे थे। कल तक यह माना जा रहा था कि बस हैंडल लॉक हो गया, जिसकी वजह से बस खाई में गिर गई। हालांकि अब एक और बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि जहां हादसा हुआ वह तीखा मोड़ है। वापसी में बस की रफ्तार तेज थी और तीखे बैंड पर चालक ने एक अन्य वाहन को ओवरटेक किया। अंधेरे की वजह से बस का चालक तीखा मोड़ भांप नहीं पाया। चालक ने ब्रेक लगाकर कोशिश तो की, लेकिन बस को नियंत्रित नहीं कर पाया।
