नए संसद भवन का निर्माण करेगी टाटा, मिला कॉन्ट्रैक्ट
नई दिल्ली। निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी टाटा प्रोजेक्ट्स राष्ट्रीय राजधानी में औपनिवेशिक काल की संरचना के स्थान पर नया संसद भवन बनाएगा। कंपनी ने इसके लिए बोली लगाई थी, जिसमें उसे जीत हासिल हुई है। मौजूदा सूचना के आधार पर, टाटा प्रोजेक्ट्स ने इसके लिए 861.9 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। कंपनी के …
नई दिल्ली। निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी टाटा प्रोजेक्ट्स राष्ट्रीय राजधानी में औपनिवेशिक काल की संरचना के स्थान पर नया संसद भवन बनाएगा। कंपनी ने इसके लिए बोली लगाई थी, जिसमें उसे जीत हासिल हुई है। मौजूदा सूचना के आधार पर, टाटा प्रोजेक्ट्स ने इसके लिए 861.9 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, हम व्यापक बोली प्रक्रिया में ‘एल 1’ बनकर उभरे और हमें संसद की नई बिल्डिंग बनाने का प्रतिष्ठित कांट्रैक्ट मिला।
संसद की नई बिल्डिंग का निर्माण सेंट्रल विस्टा रिडवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत किया जाएगा। इसका निर्माण मौजूदा संसद भवन के करीब ही किया जाएगा और यह 21 माह में बनकर तैयार हो जाएगा।
प्रवक्ता ने कहा कि टाटा प्रोजेक्ट्स इस परियोजना के साथ जुड़कर और भारत के विकास में तेजी लाने के लिए गौरवान्वित महसूस कर रहा है। काम संसद के मानसून सत्र के बाद शुरू होने की संभावना है। नए संसद भवन में 60,000 वर्ग मीटर का निर्मित क्षेत्र होगा।
नए संसद भवन में अब सांसदों को बड़ा चैंबर मिलेगा। आज एक सांसद को बमुश्किल 40 से 50 सेंटीमीटर का स्पेस मिलता है, अब नई व्यवस्था के तहत सांसदों को 60 बाय 60 का स्पेस मिलेगा।
बीते वर्ष अगस्त में, लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति ने मोदी सरकार से ब्रिटिश-राज के संसद भवन का आधुनिकिकरण करने की मांग की थी। हालांकि इससे पहले पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने नए संसद भवन का मुद्दा उठाया था। महाजन ने इस बाबत तत्कालीन शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू को पत्र भी लिखा था।
