लखनऊ: फ्लाईओवर के नीचे होगा कारोबार, बनेंगे वेंडिंग जोन, मिलेगी यह सुविधा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। नगर निगम फ्लाईओवर के नीचे भी वेंडिंग जोन बनाएगा। इसके लिए क्षेत्र के पार्षदों के साथ नगर निगम के जोनल अफसर सर्वे करेंगे। आठ जोन में इन्हें बनाया जाएगा। नए वेंडर का रजिस्ट्रेशन कर उन्हें वेंडिंग जोन में जगह दी जाएगी। नगर निगम के हर जोन में कम से कम एक नया मॉडल वेंडिंग जोन बनाएगा। इसमें वेंडर्स को बिजली, पेयजल, शौचालय, पार्किंग और डस्टबिन आदि मूलभूत सुविधाएं दी जाएंगी।

इनमें पेंटिंग के साथ वेंडिंग जोन का बोर्ड भी लगेगा। साथ ही वेंडर का नाम और रजिस्ट्रेशन नम्बर भी लिखा रहेगा। बुधवार को कैम्प कार्यालय में वेंडिंग जोन को लेकर आयोजित हुई बैठक में महापौर सुषमा खर्कवाल ने यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पटरी दुकानदारों का सर्वे कराया जाए। इसके लिए एक सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। बैठक में नगर आयुक्त इन्द्रजीत सिंह, अपर नगर आयुक्त ललित कुमार, डॉ. अरविंद कुमार राव, समस्त जोनल अधिकारी, नगर अभियंता एवं पार्षद रामकृष्ण यादव उपस्थित रहे।

जिनका होगा रजिस्ट्रेशन वही लगा सकेंगे दुकान

नगर निगम के आठ जोन में वेंडिंग जोन तो बने हैं लेकिन वेंडर दुकानें कहीं और लगाते हैं। महापौर ने इस सम्बन्ध में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए और कहा कि नॉन वेंडिंग जोन से वेंडर्स को इसमें भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस वेंडर का जिस वेंडिंग जोन में पंजीकरण होगा वही उस जगह पर दुकान लगा सकेगा।

इसके लिए उन्होंने जोनल अधिकारियों को वेंडिंग जोन का सर्वे करने के लिए निर्देशित किया। महापौर ने कहा कि वेंडर को वेंडिग जोन में व्यवस्थित किया जाए। शहर में पटरी दुकानदारों, ठेले व खोमचे वालों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नगर निगम सर्वे करा नए वेंडर का पंजीयन कराएगा। इसके लिए नगर निगम रजिस्ट्रेशन खोलेगा। इसके बाद इनको नए वेंडिंग जोन में जगह दी जाएगी।

आधार नंबर रजिस्ट्रेशन से कराया जाएगा लिंक

महापौर ने कहा कि संज्ञान में आया है कि जिस वेंडर का रजिस्ट्रेशन है उसकी जगह कोई दूसरा व्यक्ति दुकान लगाता है। कई लोगों ने जगह दूसरे लोगों को किराये पर दे रखी है। इसके लिए महापौर ने वेंडर्स का आधार नंबर वेंडिंग रजिस्ट्रेशन से लिंक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे कोई व्यक्ति एक से अधिक जगह रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाएगा। यदि ऐसा पाया जाता है तो उसका रजिस्ट्रेशन निरस्त हो जाएगा।

सॉफ्टवेयर बना किया जाएगा वेंडर का सर्वे

वर्ष 2000 के अनुसार नगर निगम के आठ जोन में लगभग 17,000 वेंडर हैं। नगर निगम ने इनके लिए शहर में लगभग 140 वेंडिंग जोन बनाए हैं। लेकिन इनकी संख्या इससे कई गुना ज्यादा है। वेंडर और नए दुकानदारों को चिन्हित करने के लिए महापौर ने वेंडिंग सर्वे सॉफ्टवेयर बनाने के निर्देश दिए। जिसमें वेंडर का आधार कार्ड, मोबाइल नम्बर, पता एवं वेंडिंग जोन आदि अंकित किया जाये। जिस पर वेंडर अपना वेंडिंग शुल्क जमा कर सकें।

यह भी पढ़ें: लखनऊ में इजरायल के समर्थन में उतरी अखिल भारत हिन्दू महासभा, लगाये नारे

 

संबंधित समाचार