लखनऊ : 17 दिन फ्रीजर में शव मामले की होगी जांच, डिप्टी सीएम ने दिए आदेश 

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। नोएडा में गवर्नमेन्ट इन्स्टीटयूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में 17 दिन तक शव फीजर में रखकर भूलने का गंभीर मामला सामने आया है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश भी दिए हैं कि निदेशक से स्पष्टीकरण लिया जाए और दोषी के खिलाफ बर्खास्ती जैसी सख्त कार्रवाई की जाए।

कौशाम्बी के पोस्टमार्टम हाउस में कर्मचारी की धन वसूली का वीडियो वायरल हुआ है। उप मुख्यमंत्री ने मुख्य चिकित्साधिकारी को मामले में दोषियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। निर्देश के बाद उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एचपी मणि ने जांच शुरू कर दी है।

उधर, कानपुर के उर्सला अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर में रिश्वतखोरी का वीडियो वायरल हुआ है। ब्रजेश पाठक ने बताया कि निदेशक, उर्सला ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आनंद मोहन वर्मा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। इसमें डॉ. चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र तिवारी व वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. धीर सिंह को सदस्य बनाया गया है। जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध समयबद्ध रूप से कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में पूरी करनी है।

बदायूं के जिला चिकित्सालय में सीटी स्कैन एवं एक्सरे जांच के लिए अवैध वसूली का वॉयरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए उन्होंने अवैध वसूली की घटना को शर्मनाक बताया। बरेली की निदेशक डॉ. पुष्पा पन्त को मौके पर जाकर जाँच करने व दो सप्ताह में आख्या उपलब्ध कराने का आदेश दिए हैं। इस घटना में संलिप्त स्वास्थ्यकर्मियों एवं दलालों के विरूद्ध कठोर एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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