लखीमपुर खीरी: बाघ के हमले से तीन लोग गंभीर घायल
लखीमपुर खीरी। ग्रामीण इलाकों में बाघ लगातर जंगल से निकलकर ग्रमीणों पर हमले कर अपनी आमद दर्ज करा रहा है। इसके बावजूद वन विभाग की उदासीनता के चलते अलग-अलग जगहों से बाघ के हमले से ग्रामीणों के घायल होने की सूचनायें मिल रही हैं। इसी क्रम में एक बार फिर बाघ के हमले में तीन …
लखीमपुर खीरी। ग्रामीण इलाकों में बाघ लगातर जंगल से निकलकर ग्रमीणों पर हमले कर अपनी आमद दर्ज करा रहा है। इसके बावजूद वन विभाग की उदासीनता के चलते अलग-अलग जगहों से बाघ के हमले से ग्रामीणों के घायल होने की सूचनायें मिल रही हैं। इसी क्रम में एक बार फिर बाघ के हमले में तीन लोग घायल हो गये। जिनको इलाज हेतु जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
बताते चलें इन दिनों बाघ द्वारा इसानों पर हमलें की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। जिस पर रोक लगा पाने में वन विभाग भी पूरी तरह असमर्थ नजर आ रहा है। गुरुवार को कोतवाली गोला के ग्राम मंलगपुर मूडा सवारान निवासी श्रीकृष्ण के 24 वर्षीय पुत्र अनिल कुमार सुबह पांच बजे अपने गन्ने के खेत पर बंदरों को भगाने गया था। तभी खेत में से निकले बाघ ने उस पर हमला कर दिया। खेत पर मौजूद अन्य लोगों ने शोर मचाकर किसी तरह से बाघ को भगाकर अनिल को बचाया और उसे जिला अस्पताल लेकर गये। जानकारी पर भीरा रेंज के फॉरेस्टर ने घायल से पूछताछ कर मौके का मुआयना किया।
वहीं दूसरी तरफ थाना मैलानी क्षेत्र के ग्राम सीतारामपुर निवासी चंद्रिका का 20 वर्षीय पुत्र अपने रिश्ते के भाई विशाल 16 वर्ष पुत्र छैरासी थाना भीरा के साथ सीतारामपुर से छैरासी बाइक से जा रहे थे। तभी बंगाली कालोनी के पास पानी के गढ्ढे के पास से निकले एक बाघ ने दोनों पर हमला कर दिया। जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गये। चिल्लाने की आवाज सुनकर जंगल में लकड़ी व फूल बीनने वालों ने किसी तरह दोनों को बाघ के चंगुल से बचाया। जिसके बाद परिजनों ने दोनों लोगों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
