बंटी हुई दुनिया

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर माहौल काफी बदला है। कई संकटों ने विभाजन को गहरा कर दिया है और भू-राजनीतिक परिदृश्य बंटा हुआ है। दुनिया उत्तर में विकसित देश और दक्षिण में विकासशील देशों में बंटी हुई है। यूक्रेन युद्ध के कारण पूर्व और पश्चिम के देशों में ध्रुवीकरण हो रहा है? अब इजराइल और फलस्तीन के आतंकी संगठन- हमास के संघर्ष को लेकर भी देश गुटों में बंट गए हैं।

ईरान और यमन ने हमास के हमले का खुले तौर पर समर्थन किया है। वहीं दूसरी ओर भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, जापान जैसे देश इजराइल के समर्थन में खड़े हैं। वहीं यूरोपियन यूनियन ने भी कहा कि इजराइल को अपनी संप्रभुता की रक्षा का अधिकार है।

दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका और चीन के रिश्ते काफी समय से ढलान पर हैं और निकट भविष्य में इसमें बदलाव के आसार भी नजर नहीं आ रहे। शुक्रवार को संसदीय अध्यक्ष शिखर सम्मेलन (पी 20) के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग कोनों में जो कुछ भी घट रहा है, उससे आज कोई भी अछूता नहीं है। संघर्ष और आमना-सामना की वजह  से आज दुनिया संकटों से जूझ रही है।

संकटों से भरी दुनिया किसी के भी हित में नहीं है। विश्व को एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य के साथ आगे बढ़ाना होगा। वास्तव में मानवता के सामने जो बड़ी चुनौतियां हैं, उनका समाधान एक बंटी हुई दुनिया नहीं दे सकती। संकटों और टकरावों से जूझ रहे विश्व के सामने आतंकवाद जैसी बड़ी चुनौतियां हैं।

अब दुनिया को एहसास हो रहा है कि आतंकवाद दुनिया के लिए कितनी बड़ी चुनौती है। आतंकवाद चाहे कहीं भी होता हो, किसी भी कारण से होता हो, किसी भी रूप में होता है, लेकिन वो मानवता के विरुद्ध होता है। ऐसे में आतंकवाद को लेकर लगातार सख्ती बरतनी होगी।  

वैश्विक विश्वास के संकट को दूर करना होगा और मानव केंद्रित सोच पर आगे बढ़ना होगा। इसीलिए यह मिलकर साथ चलने और व्यापक भागीदारी से निर्णय लेने का समय है। दुनिया की चुनौतियों से निपटने के लिए जन-भागीदारी से बेहतर माध्यम नहीं हो सकता। बंटी हुई दुनिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व महत्वपूर्ण है।

भारत का वैश्विक भू-अर्थशास्त्र और भू-राजनीतिक संकट के बीच एक उज्ज्वल स्थान बना हुआ है। अर्थव्यवस्था, शासन और स्वतंत्र विदेश नीति की वजह से दुनिया में सम्मान है। भारत का बड़ा दायित्व है कि बंटी हुई दुनिया को साथ लाए।