उप्र: 31 मार्च से पहले खरीदे गए बीएस-4 वाहनों का हो सकेगा स्थाई रजिस्ट्रेशन
लखनऊ, अमृत विचार। 31 मार्च से पहले खरीदे गये बीएस फोर मॉडल के चार पहिया वाहन मालिकों के लिए अच्छी खबर है। लखनऊ समेत प्रदेश भर में ऐसे करीब दस हजार वाहन थे, जिन्होंने टैक्स जमा करके अस्थाई पंजीयन तो करा लिया था, पर लॉकडाउन की वजह से 31 मार्च के पहले ऐसे वाहनों का …
लखनऊ, अमृत विचार। 31 मार्च से पहले खरीदे गये बीएस फोर मॉडल के चार पहिया वाहन मालिकों के लिए अच्छी खबर है। लखनऊ समेत प्रदेश भर में ऐसे करीब दस हजार वाहन थे, जिन्होंने टैक्स जमा करके अस्थाई पंजीयन तो करा लिया था, पर लॉकडाउन की वजह से 31 मार्च के पहले ऐसे वाहनों का स्थाई रजिस्ट्रेशन संबंधित आरटीओ में नहीं हो सका। कोर्ट ने ऐसे वाहनों को स्थाई रजिस्ट्रेशन करने के लिए परिवहन विभाग को आदेश दे दिया है।
अपर परिवहन आयुक्त (राजस्व) एके पांडेय ने बताया कि 31 मार्च के पहले खरीद गए बीएस फोर मॉडल के नए वाहन अथवा अस्थाई पंजीयन वाले वाहनों को स्थाई रजिस्ट्रेशन की मंजूरी कोर्ट ने दे दी है। बशर्ते इन वाहनों का ब्यौरा परिवहन विभाग के पोर्टल पर दर्ज होना जरूरी होगा। तभी स्थाई रजिस्ट्रेशन के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। लखनऊ समेत प्रदेश भर में अस्थायी पंजीयन वाले 9700 के करीब वाहन थे। जोकि कोर्ट के फैसले के इंतजार में खड़े थे। कोर्ट का यह फैसला एनसीआर के क्षेत्रों में नहीं लागू होगा।
आरटीओ कार्यालय में पेश नहीं कर सके थे पपत्र
चार पहिया गाड़ी मालिकों ने गैर जनपद से गाड़ी खरीदकर अस्थायी पंजीयन तो करा लिया पर कोविड-19 के दौरान घोषित लॉकडाउन के कारण स्थायी पंजीयन के प्रपत्र संबंधित आरटीओ कार्यालय में पेश नहीं कर सके। इस वजह से इन गाड़ियों को स्थायी पंजीयन नहीं हो सका। दरअसल, कोर्ट के आदेश पर बीएस फोर वाहनों का पंजीयन 31 मार्च 2020 तक ही होना था। इसके पहले 22 मार्च से लॉकडाउन शुरू हो गया। ऐसी स्थिति में जिन गाड़ी मालिक ने अस्थाई पंजीयन पर गाड़ी खरीदी थी उनका पंजीयन आज तक स्थायी नहीं हो पाया था।
