एनजीटी ने समिति का किया गठन, हिमाचल के बाढ़ क्षेत्र में राजमार्ग निर्माण पर मांगी रिपोर्ट
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने एक समिति का गठन किया है और हिमाचल प्रदेश में ब्यास नदी के बाढ़ क्षेत्र में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा कथित तौर पर एक राजमार्ग के निर्माण पर उससे रिपोर्ट मांगी है। अधिकरण एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें आरोप लगाया गया था कि एनएचएआई नदी के पास बाढ़ संभावित क्षेत्र में कीरतपुर से मनाली और पठानकोट से मंडी तक चार-लेन राजमार्ग का निर्माण कर रहा है।
अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने कहा कि इस मुद्दे पर संबंधित अधिकारियों से ‘रिपोर्ट मांगना’ ‘समुचित’ है । इसके बाद पीठ ने एक संयुक्त समिति का गठन किया जिसमें एनएचएआई के अधिशासी अभियंता (प्रभारी), केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सदस्य सचिव और हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचपीपीसीबी) के सदस्य सचिव द्वारा प्रतिनियुक्त अधिकारी शामिल हैं।
अधिकरण ने याचिका का निस्तारण करते हुए कहा, ‘‘एचपीपीसीबी के सदस्य सचिव एक नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेंगे। समिति इस मुद्दे की जांच करेगी और आठ सप्ताह के भीतर अधिकरण के समक्ष रिपोर्ट सौंपेगी।’’
ये भी पढ़ें- मध्य प्रदेश के CM शिवराज का प्रियंका गांधी और कमलनाथ के बीच वाकयुद्ध, एक-दूसरे पर साधा निशाना
