सफारी में रेस्क्यू कर लाए गए मादा तेंदुआ की मौत, 15 दिन की आयु में मई में बिजनौर से लाया गया था इटावा
इटावा। सफारी पार्क में 16 मई को बिजनौर से रेस्क्यू कर लाये गए एक तेंदुआ की मौत हो गई है। सफारी प्रशासन ने बताया है कि इलाज के बाद भी इस तेंदुआ को बचाया नहीं जा सका। इसे मई में जब इटावा लाया गया था तब उसकी आयु महज 15 दिन की थी।
सफारी प्रशासन ने बताया है कि 16 मई को बिजनौर से 2 मादा तेंदुआ शावक जिनकी आयु लगभग 15 दिन थी, को इटावा सफारी पार्क लाया गया था। इन्हे नियो नेटल केयर यूनिट में रखकर देखभाल की जा रही थी। इनमें से एक मादा शावक को 13 सितम्बर को डायरिया की शिकायत हुई, जो ठीक हो गया। पुन: 19 सि तम्बर को डायरिया की शिकायत हुई जिसका उपचार सफारी पार्क के पशु चिकित्सकों द्वारा किया गया और शावक ठीक होकर सामान्य आहार ग्रहण करने लगा।
सफारी प्रशासन ने बताया है कि 12 अक्टूबर को अचानक तेंदुआ शावक ने भोजन लेना बंद कर दिया। उसके पेट में गैस बन रही है जिसका उपचार अन्य वन्यजीव चिकित्सा विषेशज्ञों से सतत प्रयास कर उनसे परामर्श लेकर सफारी पार्क के पशु चिकित्सक करते रहे।
13 अक्टूबर की रात में एनिमा दिया गया तथा शावक के पेट से काफी मात्रा में मल एवं मूत्र बाहर निकाला गया। 14 अक्टूबर की सुबह शावक को न्यूरोलॉजिकल समस्यायें हो गयी, जिसका तत्काल उपचार सफारी पार्क के पशु चिकित्सकों ने शुरु किया गया तथा वन्यजीव चिकित्सा विषेशज्ञों से सम्पर्क में रहते हुए समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाता रहा। इलाज के दौरान ही शाम सवा पांच बजे उसकी मौत हो गई।
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