रामपुर: प्रसूता की मौत के 12वें दिन शिशु ने तोड़ा दम, मचा कोहराम
बिलासपुर, अमृत विचार। निजी अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही से हुई प्रसूता की मौत के महज 12वें दिन उसके शिशु ने भी उत्तराखंड के एक अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया इससे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों ने नगर में संचालित फर्जी अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
रविवार को नगर के मोहल्ला शीरी मियां के रहने वाले मोहम्मद यूसुफ के महज बारह दिन के शिशु की उत्तराखंड के एक अस्पताल उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों द्वारा शिशु के शव को घर लाने के बाद अन्य परिजनों व मोहल्लेवासियों में ग़म का माहौल व्याप्त हो गया। बारह दिन पूर्व हुई घटना पुनः ताजा होती दिखाई दी।
तीन अक्टूबर को हाईवे पर भाखड़ा डैम निकट एक निजी अस्पताल में मोहम्मद यूसुफ की आठ माह की गर्भवती 35 वर्षीय पत्नी समीना बेगम की डिलीवरी के बाद मृत्यु हो गई थी। जबकि उसके पति समेत अन्य परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर समय से पहले प्रसूता महिला का ऑपरेशन करने का आरोप लगाया था साथ ही शिशु को उत्तराखंड के जिला उधमसिह नगर में एक अस्पताल में भर्ती करवाया था। परिजनों ने हंगामा किया था।
इस पर पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल की ओटी सील करने की कार्रवाई की थी। पीड़ित पति ने बताया कि नगर में अवैध रूप से संचालित अस्पताल प्रसूता महिलाओं व बच्चों की मौत की वजह बन रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ऐसे अस्पतालों पर सिर्फ खानापूर्ति कर कार्रवाई अमल में ला रहा। उन्होंने बताया वह अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं,ताकि ऐसा और किसी परिवार के साथ न हो।
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